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मध्य प्रदेश में कलेक्टरों की परफॉर्मेंस पर सीएम मोहन यादव की नजर, गेहूं खरीदी और ऑफिस टाइमिंग को लेकर दिए सख्त निर्देश

Written by:Ankita Chourdia
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक में कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने गेहूं उपार्जन में किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने और अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी दी। साथ ही, सीएम ने कार्यालय समय का पालन नहीं होने पर 6-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने का भी संकेत दिया।
मध्य प्रदेश में कलेक्टरों की परफॉर्मेंस पर सीएम मोहन यादव की नजर, गेहूं खरीदी और ऑफिस टाइमिंग को लेकर दिए सख्त निर्देश

मध्य प्रदेश में अधिकारियों की कार्यशैली और प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को मंत्रालय से सभी जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए सीएम ने साफ संदेश दिया कि जो अधिकारी काम में प्रदर्शन और परिणाम देंगे, वे ही मैदान में टिके रहेंगे। उन्होंने कार्यालयीन समय का पालन न होने पर राज्य में 6-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की भी चेतावनी दी।

यह निर्देश मुख्यमंत्री ने ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की समीक्षा बैठक के बाद दिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में मंत्रालय में कार्यालयीन समय को लेकर आकस्मिक निरीक्षण किया गया था और जिला कलेक्टरों को भी अपने स्तर पर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था बनाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

गेहूं उपार्जन में किसानों को न हो कोई परेशानी

आगामी रबी उपार्जन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने पंजीकृत किसानों के सत्यापन, उपार्जन केंद्रों पर बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान की शत-प्रतिशत व्यवस्था करने को कहा।

प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया दो चरणों में होगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में यह 16 मार्च से 5 मई तक चलेगी, जबकि शेष संभागों (जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल, सागर) में 23 मार्च से 12 मई तक गेहूं की खरीदी की जाएगी। किसान 7 मार्च तक अपना पंजीयन करा सकेंगे।

“जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और परिणाम देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा।” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

सोशल मीडिया और खाड़ी देशों पर भी रखें नजर

डिजिटल युग की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सीएम यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर शासन और व्यवस्था के बारे में फैलाई जा रही भ्रामक या मिथ्या जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल और प्रभावी ढंग से खंडन किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, खाड़ी देशों में मौजूदा अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए, उन्होंने कलेक्टरों को इन देशों में रह रहे जिले के नागरिकों और विद्यार्थियों के परिवारों से निरंतर संपर्क और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों की सहायता के लिए नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन और भोपाल के वल्लभ भवन मंत्रालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।

परीक्षाओं से लेकर नवाचार तक, कई अन्य निर्देश

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में परीक्षाओं का समय चल रहा है, इसलिए अधिकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करें ताकि परीक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके। सीएम ने जिला स्तर पर अधिकारियों को नवाचार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया और कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए पारंपरिक मेलों में कृषि क्षेत्र के इनोवेटर्स की प्रदर्शनी लगाई जाए।

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