कोयलांचल में नही थम रही कोयला चोरी, अवैध परिवहन करते पकड़ा टैक्टर

कोयलांचल में नही थम रही कोयला चोरी, अवैध परिवहन करते पकड़ा टैक्टर

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। कोयलांचल (Coal Field) क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार का गढ़ कहे जाने वाले रावनवाडा क्षेत्र में इन दिनों भी  कोयले का अवैध उत्खनन एवं परिवहन (Illegal mining and transportation)पूर्व की भांति जारी है। आलम यह है कि कभी पुलिस (Police) के भय से मारुती वैन एवं सवारी वाहनों का उपयोग करने पर मजबूर कोयला माफिया (Coal Mafia) एक बार फिर इस अवैध कोयला परिवहन (Illegal coal transportation)में ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग करने लगे है। जहां एक समय यह करोबार पुलिस की सख्ती के कारण दम तोड रहा था, वहीँ  एक बार फिर संगठित अपराध का रूप लेने लगा है।

बताया जाता है कि शुक्रवार तकरीबन सुबह 5:30 बजे गश्त से लौटे रावनवाड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कोयले से भरा एवं ट्रैक्टर ढाल के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अंजनी मरावी के निर्देश पर आरक्षक अनिल त्रिपाठी एवं ओम नरेश मौके पर पहुंचे। पुलिस को देख चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कोयले से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली   को रावनवाड़ा चौकी में खड़ा किया गया है।

पुलिस द्वारा पकड़े गए ट्रैक्टर ट्रॉली पर कोई भी नंबर अंकित नही है। जिससे पुलिस को ट्रैक्टर के मालिक के बारे में जानकारी नही मिल पाई है। बताया जाता है कि उक्त ट्रैक्टर ट्राली से दीघावानी के एक भाजपा नेता से सम्बंधित है। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कोई खुलासा नही कर रही।  पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

गौरतलब है कि कोयला माफिया (Coal Mafia) अवैध कोयला परिवहन (Illegal coal transportation) करते समय ट्रैक्टर ट्राली को पूरा नही भर रहे है। बताया जाता है कि जहां ट्रैक्टर में 3 टन कोयला आता है लेकिन ट्राली में केवल 2 टन कोयला लादा जाता है। जिससे किसी को कोयला न दिखे। सूत्रों की माने तो रावनवाड़ा, ढाला, पेंच , छिंदा, सेठिया, शिवपुरी पर ले स्थानों से कोयले का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews