पोला पर्व में भी दिखा कोरोना का असर, बैलों को मास्क लगाकर किसानों ने दिया संदेश

पोला पर्व में भी दिखा कोरोना का असर, बैलों को मास्क लगाकर किसानों ने दिया संदेश

छिन्दवाड़ा, नीता शिवहरे
किसानों का पारंपरिक पर्व पोला कोरोनावायरस के बीच सादगी पूर्ण मनाया गया| किसानों ने लोगों को कोरोनावायरस से बचने के लिए बैलों को मास्क लगाकर लोगों को संदेश दिया।

दरअसल महाराष्ट्र की सीमा से लगे होने के कारण छिंदवाड़ा में भी पोला पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है| ऐसी मान्यता है कि भादो मास तक फसलों के दानों में दूध भर आता है और अन्न माता इस दौरान गर्भ धारण करती है खेतों का काम खत्म होने की खुशी में किसान अपने बैलों का सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पोला पर्व मनाते हैं ताकि सालभर बैल उनकी मदद कर सके।

किसानों ने बैलों को लगाया मास्क
छिंदवाड़ा के पोला ग्राउंड में कुछ किसान बैलो को सजा कर लाए और पूजा की इस दौरान किसानों ने बैलों को मास्क जिसे स्थानीय भाषा में मुस्का कहा जाता है उसे लगा कर लाए और लोगों को बीमारी से बचने का संदेश दिया।

पोलसुर राक्षस का भगवान् कृष्ण ने किया था वध
धार्मिक मान्यता है कि जब कृष्ण भगवान नंद और यशोदा मैया के घर थे इस दौरान कंस ने पोलासुर नामक राक्षस को उन्हें मारने के लिए भेजा था और कृष्ण भगवान ने भादो मास की अमावस्या के दिन उसका वध किया था इसी दिन से पोला का त्यौहार मनाया जाता है।

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निदेशक और संपादक

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