सागर में 3 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, 1 मरीज की मौत की अफवाह से हड़कंप

सागर में 3 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, 1 मरीज की मौत की अफवाह से हड़कंप

सागर।मनीष तिवारी।

ज़िले में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। गुरुवार को जहाँ दिन में तीन मरीज़ एक साथ सामने आए वहीँ देर रात एक और मरीज़ की रीपोर्ट पॉज़िटिव निकली, जिसकी पुष्टि शुक्रवार को सुबह बीएमसी के डीन जीएस पटेल ने की। उक्त युवक सदर निवासी है। जिसे अब कोरोना स्पेशल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
शुरुवाती पांच मरीज़ों के ठीक होने के बाद पिछले कुछ दिनों में ही सागर में अचानक संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ना शुरु हो गया। देखते ही देखते संक्रमितों की संख्या 11 हो गई जबकि पांच मरीज़ ठीक हो चुके हैं और एक बीना निवासी की भोपाल में मौत हो गई।

जैसे जैसे अन्य ज़िलों और प्रदेशों से बाहरी लोगों के आने की तादाद बढ़ी है वैसे ही नए मामले सामने आने लगे हैं जिसके बाद बीएमसी ने प्रतिदिन जांचों की संख्या बढ़ाई है। सदर-केंट क्षेत्र में पांच मरीज मिल चुके है। बुन्देलखण्ड मेडिकल कालेज के डीन डॉ जी एस पटेल ने बताया कि कल रात में इसकी रिपोर्ट आई। 22 वर्षीय युवक 10 मई को नासिक से लौटा था।

वहीँ गुरवार को सदर निवासी एक मरीज़ की देर रात बीएमसी में इलाज के दौरान मौत की अफवाह ने शहर में सनसनी फैला दी। जिसके बाद बीएमसी डीन ने ख़बर का खंडन करते हुए लोगों से अफवाहों से बचने और मीडिसा से भी केवल बीएमसी से जारी ख़बरों की पुष्टी करने के बाद ख़बरों के प्रसारित करने और अफवाहों पर नियंत्रण करने की अपील की।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews