18 लाख की कच्ची शराब पकड़ाई, आबकारी विभाग ने नष्ट की शराब

18 लाख की कच्ची शराब पकड़ाई, आबकारी विभाग ने नष्ट की शराब

डबरा, सलिल श्रीवास्तव

कच्ची शराब कहने को तो प्रतिबंधित है पर डबरा भितरवार अंचल में बड़े पैमाने पर बनाई और बेची जा रही है। इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब आबकारी विभाग ने भितरवार क्षेत्र के चकमियांपुर स्थित कंजरो के डेरे पर कार्यवाही की यहां से लगभग 18 लाख रुपए की लागत की कच्ची शराब नष्ट की। कार्यवाही की सूचना पर आरोपी मौक़े से भागने में कामयाब रहे।

आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर संदीप शर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है जो लगातार जिले भर में कच्ची शराब पर कार्यवाही कर रही है। मंगलवार को टीम भितरवार क्षेत्र के चकमियांपुर स्थित कंजरो के डेरे पर पहुंची जहाँ 5 हजार लीटर कच्ची शराब मिली जिसे नष्ट किया गया। साथ ही 15000 लीटर लाहन को भी मौके पर नष्ट किया गया। प्रशासन को 150 ड्रमों में भरी हुई शराब मिली थी जिन्हें फैलाकर ड्रमों को जप्त कर लिया गया, साथ ही शराब बनाने वाली 5 हाथ भट्टीओं को भी जप्त किया गया। यह पूरी कार्रवाई ग्वालियर की टीम के साथ डबरा के आबकारी अमले ने मिलकर अंजाम दी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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