डबरा में अग्रवाल समाज की साधारण सभा के दौरान नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी की गई। चुनाव अधिकारी कैलाश चंद्र अग्रवाल की देखरेख में हुए चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति बनी। इसके बाद पवन अग्रवाल को अध्यक्ष और प्रमोद अग्रवाल को उपाध्यक्ष निर्विरोध घोषित किया गया। चुनाव परिणाम सामने आते ही समाज के सदस्यों ने दोनों पदाधिकारियों का स्वागत कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
चुनाव के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्य, युवा वर्ग और नवयुग मंडल के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने तथा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर विशेष जोर दिया गया। पूरे कार्यक्रम का माहौल सौहार्दपूर्ण और सहयोगपूर्ण रहा।
नई कार्यकारिणी से समाज को क्या उम्मीदें?
नवनिर्वाचित अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की मजबूती उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर काम किया जाएगा और युवाओं को सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक भागीदारी का अवसर दिया जाएगा। साथ ही शिक्षा, सामाजिक सहयोग, जरूरतमंद परिवारों की मदद और समाज को जोड़ने वाले कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
उपाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती आपसी विश्वास और सहयोग से ही संभव है। बैठक में मौजूद सदस्यों ने भी उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी समाजहित के कार्यों को गति देगी और नई पीढ़ी को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए बेहतर पहल करेगी।
अग्रवाल समाज की बैठक
चुनाव प्रक्रिया के दौरान समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और पूर्व जिम्मेदार सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। बैठक में पूर्व अध्यक्ष ब्रजकिशोर अग्रवाल, सौरभ बंसल, पूर्व सचिव रिंकू भगत, मुकेश सिंघल, राजीव अग्रवाल, रामावतार अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, घनश्याम अग्रवाल, सतीश बंसल, गोपाल अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, शुभम बंसल और राजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
सदस्यों ने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की मजबूती उसकी एकजुटता और सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। इसलिए आने वाले समय में शिक्षा, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवा नेतृत्व और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डबरा अग्रवाल समाज के इस चुनाव में निर्विरोध चयन को समाज की एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से दूर सर्वसम्मति से हुए इस चुनाव ने यह संदेश दिया कि सामाजिक संगठनों में संवाद और आपसी सहमति के जरिए भी मजबूत नेतृत्व चुना जा सकता है।






