भितरवार के मुख्य बाजार क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अवैध मोरम से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस हादसे में दो लोग सीधे ट्रॉली के नीचे दब गए, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दोनों घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर की रफ्तार काफी तेज थी और चालक कथित तौर पर शराब के नशे में धुत था। इसी वजह से वह वाहन पर अपना नियंत्रण खो बैठा। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त बाजार पूरी तरह से खुला नहीं था, अन्यथा हताहतों की संख्या बढ़ सकती थी। इस घटना में सड़क किनारे खड़े कुछ दोपहिया वाहन भी ट्रॉली की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर अवैध मोरम परिवहन और प्रशासन की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के मुख्य मार्गों और चौराहों से रोजाना रेत और मोरम से भरे ओवरलोडेड वाहन धड़ल्ले से गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते।
यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े और जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते अवैध खनन और परिवहन पर नकेल कसी जाती, तो शायद इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
घायलों का इलाज जारी
हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। दोनों घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रैक्टर चालक के बारे में जानकारी जुटा रही है। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन की नींद खुलती है या नहीं।






