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जनरल स्टोर में बेच रहा था प्रतिबंधित चाइनीज मांझा, पुलिस ने छापा मारकर किया जब्त

Written by:Atul Saxena
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पुलिस ने जब पूछा कि चाइनीज मांझा बेचना प्रतिबंधित है ये आपको मालूम है ? तो दुकानदार बोला हाँ, इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर जाँच में ले लिया है।
जनरल स्टोर में बेच रहा था प्रतिबंधित चाइनीज मांझा, पुलिस ने छापा मारकर किया जब्त

Gwalior Dabra News : ग्वालियर की डबरा पुलिस ने डबरा शहर में एक दुकान पर छापा मार कर वहां बेचा जा रहा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया है, पुलिस ने दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।

मकर संक्रांति पर होने वाले पतंग महोत्सव एवं अन्य अवसरों पर चायनीज मांझा के उपयोग से पशु-पक्षियों के साथ-साथ मानव जीवन पर होने वाले नुकसान को देखते हुए हुये ग्वालियर जिला प्रशासन ने चायनीज मांझा की बिक्री और इसके  उपयोग पर बैन लगाने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर के आदेश के बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस इसपर निगरानी रख रही है।

पुलिस ने छापा मारकर चाइनीज मांझा जब्त किया 

इसी क्रम में डबरा थाना टी आई यशवंत गोयल को सूचना मिली कि चांदनी चौक पर स्थित वर्मा प्रोविजन स्टोर (जनरल स्टोर) पर चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है, पुलिस ने वहां जब छापा मारा तो दुकान पर मालिक संतोष वर्मा मिले,  पुलिस ने जब दुकान को चेक किया गया तो दुकान में  चाइनीज मांझा मिला, पुलिस को ड्रेगन के 47 नग, मोनो कटर 12 नग, सादा पन्नी वाला 20 नग कुल कीमत 1000 रुपए रखे मिले जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

दुकानदार ने स्वीकार किया कि उसे मालूम है चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है 

पुलिस मांझे की जब्त कर दुकान मालिक को थाने ले आई, जहाँ पुलिस पूछताछ में दुकानदार ने मासूम बनते हुए कहा कि उसे नहीं मालूम की ये मांझा इन्डियन है या चाइनीज, लेकिन जब पुलिस ने कहा इसपर ड्रेगन लिखा है तो वो चुप हो गया, पुलिस ने जब पूछा कि चाइनीज मांझा बेचना प्रतिबंधित है ये आपको मालूम है ? तो दुकानदार बोला हाँ, इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर जाँच में ले लिया है

डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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