मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर ने पिता की मदद से चुराया था लॉकर में रखा करोड़ों का सोना, दोनों गिरफ्तार

लॉकर में 4 किलो से ज्यादा के सोने के जेवर का अचानक नकली जेवर में बदल जाने की घटना के बाद डबरा से लेकर ग्वालियर तक हडकंप मच गया था , जिनके जेवर गायब हुए थे वे बहुत परेशान थे लेकिन अब आरोपियों के पकडे जाने से उन्हें राहत मिली है।
Manappuram Finance Limited, Dabra

ग्वालियर पुलिस ने मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की डबरा शाखा में लॉकर में रखे असली सोने के गहनों की जगह  नकली रखने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर इस बड़े घोटाले का खुलासा कर दिया है, घटना का मुख्य आरोपी इसी शाखा में पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर विकास कुमार है उसने अपने पिता की मदद से करोड़ों रुपये की चोरी की घटना को अंजाम दिया, पुलिस ने पिता पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी धर्मवीर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गोल्ड लोन देने वाली कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की डबरा शाखा के लॉकर में रखे करोड़ों रुपए के सोने के जेवर गायब होने और उसकी जगह नकली गहने  मिलने की शिकायत मिली थी,  मणप्पुरम गोल्ड फायनेंस कंपनी में एरिया हैड दिव्यरंजन मोहंती की विदिवत शिकायत के बाद इस पर पुलिस ने तत्परता से एक्शन लिया और कल 29 सितम्बर को एफआईआर दर्ज की।

5.7 करोड़ रुपये के सोने के गहने लॉकर से गायब 

एफआईआर में मोहंती ने बताया कि डबरा शाखा में असली सोने के गहनों की जगह नकली गहनों की शिकायत के बाद उन्होंने 24 सितम्बर को शाखा का निरीक्षण किया और ऑडिट चैक किया जिसमें  शाखा में गिरबी रखे सोने के आभूषण कुल वजन 4318.7 ग्राम कीमत लगभग 5.7 करोड़ रुपये के तिजोरी में रखे नहीं मिले। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे चोरी कर लिया था , उन्होंने पुलिस को जानकारी दी कि उक्त आभूषण दिनांक 20 सितम्बर 2025 से 21 सितम्बर 2025 के बीच चोरी हुये है।

पुलिस जाँच में शक की सुई असिस्टेंट मैनेजर पर 

एसपी ने कहा कि लॉकर में रखे असली सोने के जेवर चोरी होना और उसकी जगह नकली रखे मिलना अजीब तरह की घटना थी लेकिन एकदम से 25 पैकेट गायब होना संदिग्ध लगा और शक की सुई स्टाफ पर ही घूमने लगी, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चैक किये पूछताछ की जिसमें  असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर विकास कुमार की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस ने जब उसके बारे में पता किया तो मालूम चला कि वो गायब है।

बेटे के अपराध में पिता ने की मदद, दोनों गिरफ्तार 

पुलिस ने तकनीकी आधार पर उसकी तलाश की और उसे दतिया से पकड़ लिया,, पुप्लिस ने जब उससे पूछताछ की तो पहले उसने घटना से इंकार किया फिर पिता की मदद से चोरी करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर से विअक्स के पिता महेश चन्द्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से 25 पैकेट सोने के आभूषण वजन लगभग 4.138 किलो ग्राम कीमती लगभग 5.5 करोड़ रुपये एवं 67 हजार रुपये नगदी को जब्त कर लिया।

आगरा से नकली जेवर खरीद कर रख दिए लॉकर में 

पूछताछ में आरोपी असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर विकास कुमार ने बताया कि उसने योजनाबद्ध तरीके से 4318.7 ग्राम वजन की वैसे ही दिखने वाली नकली ज्वैलरी बेंटेक्स की आगरा से खरीदकर आठ डिब्बों में रखकर डिब्बों के ऊपर इसके द्वारा पूर्व में ही चुराए गये सुरक्षा मानक जैसे दिखने वाले स्टीकर लगा दिये और शाखा का इंटरनेट का तार काट दिया ताकि सीसीटीवी फुटेज में न आये और उन डिब्बों को लॉकर में से ऑरीजनल डिब्बों को निकालकर उनकी जगह नकली ज्वैलरी के डिब्बे रख दिये थे। उसके द्वारा चोरी की गई कुछ ज्वैलरी को बेच दिया था।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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