वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा को मातृ शोक, गणमान्य नागरिकों ने जताया शोक

वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा को मातृ शोक, गणमान्य नागरिकों ने जताया शोक

डबरा,सलिल श्रीवास्तव

दैनिक भास्कर के पूर्व संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा एवं वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण शर्मा की माताजी श्रीमती कृष्णा देवी का मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया वह 85 वर्ष की थी। उनका अंतिम संस्कार उनके गृह नगर डबरा में जवाहर गंज स्थित मुक्तिधाम में किया गया।

उनके निधन पर पत्रकारों के साथ नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी शोक व्यक्त किया है। शोक व्यक्त करने वालों में बरिस्ठ पत्रकार यशवंत श्रीवास्तव, वीरेंद्र शर्मा ,सुरजीत यादव, श्याम सोनी, सोनीश वशिष्ट, सुनील मुद्गल, कमलेश सोनी, विनोद अग्रवाल, अनिल श्रीवास्तव, गगन सक्सेना, अजय गौड़, टिंकू पाठक, भरत शर्मा, सतीश दुबे, मनोज चौबे, अमजद खान, मनोज चतुर्वेदी, चन्ना जोहल, घनश्याम बाबा, राजेश सोनी, बसंत शर्मा, निसार खान, आशीष शुक्ला, भरत रावत, गिर्राज शर्मा, सुनील राजावत के साथ भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष कौशल शर्मा, पूर्व मंडी अध्यक्ष मुकेश बंटी गौतम, युवा भाजपा नेता विवेक मिश्रा, विपिन आनंद, दामोदर गुप्ता, राजू नारंग, भीकम साहू, रामवीर घुरैया, पोषण रावत, टिंकल पाठक, सतेंद्र भार्गव, जहेंद्र गुर्जर, सूर्यभान रावत, जितेंद्र गुप्ता, जिला ग्रामीण कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रंगनाथ तिवारी,सुरेश राजे,सत्यप्रकाशी परसेडीया,वृंदावन कोरी,सूबेदार सिंह,सतेंद्र दुबे,जयप्रकाश शर्मा,राकेश रावत,जीतेन्द्र गुर्जर शामिल है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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