
Gwalior News : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिम्मेदार अफसर की लापरवाही सामने आई है, जहां खुले हुए सेप्टिक टैंक किसी बड़े हादसे को न्यौता देने के समान है। बता दें कि इन गड्ढों में महीनों से पानी भरा हुआ है, जो डेंगू, चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों को बुलवा दे रहा है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गहरा असर देखने को मिल सकता है।
दरअसल, कुछ समय पहले बढ़ते हुए हादसों को देखते हुए सरकारी प्रशासन द्वारा खुले हुए तालाब, गड्ढों, बोरवेल, बावड़ी आदि पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही सामने निकलकर आई है।
खुले सेप्टिक टैंक हादसों को दे रहे न्यौता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कैंपस में मेटरनिटी वार्ड के पीछे सेप्टिक टैंक के गड्ढे बने हुए हैं। वर्तमान में इसका कुछ हिस्सा खुला हुआ हैं, जो बड़े हादसे को न्योता दे रहा है, क्योंकि उन गड्ढों के आसपास नन्हे मासूम बच्चे खेलते रहते हैं, जो कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल परिसर में साफ-सफाई ना के बराबर है। आश्चर्य की बात तो यह है कि इन सेप्टिक टैंकों के गड्ढों पर गोबर के कंडे बनाए जाते हैं। जिस कारण यहां आसपास बहुत गंदगी भी फैली हुई है। जिस पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
एसडीएम ने की कार्रवाई की बात
वहीं, जब भितरवार एसडीएम से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामला अब उनके संज्ञान में आ चुका है। जिसे गंभीरता से लेकर जल्द-से-जल्द इन सेप्टिक टैंकों को बंद कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो। साथ ही मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी।
भितरवार, अरुण रजक
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

