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PM Awas Yojana में भ्रष्टाचार: डबरा नगर पालिका के पूर्व सीएमओ पर EOW ने दर्ज की एफआईआर, रिश्वत लेकर हितग्राहियों को लाभ पहुँचाने का आरोप

Written by:Atul Saxena
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भ्रष्टाचार के इस मामले में ईओडब्ल्यू की जाँच में खुलासा हुआ कि पूर्व सीएमओ ने हितग्राहियों के खातों में शासन द्वारा निर्धारित राशि से ज्यादा उनसे रिश्वत लेकर राशि बिना जियो टैगिंग के भेज दी, इसमें निर्धारित अन्य प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया।
PM Awas Yojana में भ्रष्टाचार: डबरा नगर पालिका के पूर्व सीएमओ पर EOW ने दर्ज की एफआईआर, रिश्वत लेकर हितग्राहियों को लाभ पहुँचाने का आरोप

EOW Gwalior

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने प्रधानमंत्री आवास योजना में (PM Awas Yojana) में भ्रष्टाचार करने वाले डबरा नगर पालिका के पूर्व सीएमओ प्रदीप भदौरिया पर एफआईआर दर्ज की है, उनपर आरोप है कि उन्होंने बिना जियो टैगिंग किये रिश्वत लेकर हितग्राहियों के खातों में निर्धारित राशि से अधिक अनुदान राशि देकर शासन को 1,31,50,000/- रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई है, इस भ्रष्टाचार की शिकायत वार्ड क्रमांक-11 के पार्षद धर्मेन्द्र सिंह हैप्पी ने की थी।

ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के मुताबिक दीदार कालोनी झांसी रोड डबरा ग्वालियर निवासी वार्ड नम्बर 11 के पार्षद धर्मेन्द्र सिंह हैप्पी ने EOW मुख्यालय भोपाल में डबरा नगर पालिका के पूर्व सीएमओ प्रदीप भदौरिया के विरुद्ध शिकायत की थी, शिकायती आवेदन में धर्मेन्द्र सिंह हैप्पी ने पूर्व सीएमओ भदौरिया पर 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2024 के बीच पीएम आवास योजना में घोटला करने के आरोप लगाये

ग्वालियर EOW की जाँच में खुलासा 

पार्षद धर्मेंद्र सिंह हैप्पी ने आरोप लगाया कि प्रदीप भदौरिया ने हितग्राहियों के लिए शासन द्वारा निर्धारित 2.50 लाख रुपये के स्थान पर सांठ गांठ कर रिश्वत लेकर बिना जियो टैगिंग के कई हितग्राहियों के खातों में 3 लाख रुपये की राशि डाल दी , मुख्यालय ने शिकायत दर्ज कर ग्वालियर EOW को जांच के भेज दिया।

बिना जियो टैगिंग हितग्राहियों के खातों में डाली अधिक राशि 

ई ओ डब्ल्यू ग्वालियर ने मामले की जांच की तो पाया क प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रति हितग्राही को कुल 2,50,000/- रुपये की राशि तीन किश्तों में दी जानी निर्धारित है लेकिन इसके विपरीत सीएमओ और स्टाफ ने 13 चिन्हित हितग्राहियों के खातों में नियम विरुद्ध तीन – तीन लाख रुपये की राशि पोर्टल के माध्यम से डाल दी। उन्होंने बिना नोटशीट चलाये और बिना जियो टैगिंग किये सीधे PPA जारी कर भुगतान कर दिया।

शासन को 1 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति 

जांच में सामने आया कि तत्कालीन सीएमओ प्रदीप भदौरिया ने संविदा कर्मचारी राहुल गुप्ता को नियम विरुद्ध पोर्टल संचालन और भुगतान प्रक्रियाओं के लिए अधिकृत किया था, दोनों ने मिलकर और रिश्वत लेकर हितग्राहियों को निर्धारित राशि से अधिक अनुदान राशि का भुगतान किया गया एवं प्रक्रिया का पालन किये बिना बिना भौतिक सत्यापन किये यानि बिना जियो टैगिंग के ही राशि 1,31,50,000/- रुपये का आहरण कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई।

पूर्व सीएमओ और कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज 

जांच के बाद ईओडब्ल्यू ग्वालियर ने तत्कालीन सीएमओ प्रदीप भदौरिया एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता, संविदाकर्मी नगर पालिका परिषद डबरा जिला ग्वालियर के विरूद्ध धारा 409, 120बी भा.द.वि. एवं धारा 7, 13 (1) क सहपठित 13(2) भ्र.नि.अधि. 1988 संशोधित अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया है ।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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