पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुछ ही घंटों में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद बदमाशों को पकड़ा

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुछ ही घंटों में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद बदमाशों को पकड़ा

डबरा/भिंड, सलिल श्रीवास्तव/गणेश भारद्वाज। ग्वालियर (gwalior) के डबरा (dabra) कस्बे से एक्सयूवी वाहन लूटकर भागे दो इनामी हिस्ट्रीटर बदमाशों को ग्वालियर क्राइम ब्रांच (gwalior crime branch) और उनकी टीम ने भिण्ड पुलिस के सहयोग से बरहद गांव के आसपास घेर लिया। पुलिस की घेराबंदी में आने के बावजूद बदमाशों ने सरेंडर (surrender) नहीं किया। इस दौरान पुलिस को दोनों बदमाश से भिड़ंत करनी पड़ी। भिड़ंत में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं। बदमाशों को इलाज के लिए भिंड से ग्वालियर रेफर किया गया है।

ग्वालियर के हत्या के मामले में फरार बिन्नी और प्रशांत बीते रोज डबरा से एक एक्सयूवी गाड़ी लूट कर भागे थे। दोनों इनामी बदमाशों का ग्वालियर क्राइम सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया ने अपनी टीम के साथ पीछा किया। इस बीच उन को सूत्रों से दोनों के भिंड की ओर भागने की खबर मिली। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने भिंड एसपी मनोज कुमार सिंह से संपर्क किया।

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इसके बाद भिण्ड पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। मेहगांव थाना क्षेत्र के बरहद गांव के आसपास मेहगांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों आरोपी की घेराबंदी की। पुलिस ने दोनों को सरेंडर के लिए कहा लेकिन आरोपियों की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। इस दौरान दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गये ।घायलों को ग्वालियर अस्पताल भिजवाया गया। ग्वालियर और भिंड पुलिस अब इस बारे में और पड़ताल करने में जुट गई है। मेहगांव में क्राइम ब्रांच सब इंस्पेक्टर सतीश यादव की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

बता दें कि बीती सोमवार–मंगलवार की रात को NH 44 अर्रु तिराहे पर कुछ अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने डबरा निवासी ब्रजेश तिवारी से एक लग्जरी कार XUV लूट ले गए। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी जयराज कुबेर और सिटी थाना प्रभारी विनायक शुक्ला सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आसपास के सभी क्षेत्रों में नाकाबंदी कर कार की तलाशी शुरू कर दी है।जिसके बाद उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई।

इसी प्रकार की लूट की वारदात दो दिन पहले डबरा देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोहगढ़ पहाड़िया पर गौरी ऑटो पार्ट्स के मुनीम के साथ 1 लाख 10 हजार दिनदहाड़े हुई थी। पर उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस तरह की घटनाओं से कहीं ना कहीं पुलिस प्रशासन पर से एक बड़े सवाल खड़े होते हैं।इस कार्यवाही से पुलिस की सजगता का बेशक अंदाज लगता है पर सवाल यह भी है कि जहां एक और पुलिस प्रशासन लोगों को घर से नहीं निकलने दे रहा है और हर तरफ सख्ती है फिर इस तरह की वारदात क्यों?आखिरकार आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग क्यों नहीं की जाती? और ना ही उनके कागजात देखे जाते हैं।

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