
Pensioners Cyber Fraud Police Advisory
मध्य प्रदेश का दमोह जिला हमेशा ही किसी-न-किसी मुद्दे को लेकर चर्चा में बना ही रहता है। कभी यहां चोरी-डकैती के मामले सामने आते हैं, तो कभी कोई दूसरा मामला तूल पकड़ लेता है। इसी बीच पथरिया नगर परिषद से बड़ी खबर सामने आई है, जहां करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद नगरीय प्रशासन विभाग की जांच टीम यहां पहुंची, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह जांच पिछले 10 सालों के कार्यकाल से जुड़ी है, जब नगर परिषद में कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
बता दें कि यह कार्रवाई राज्य शासन के आदेश पर की जा रही है। भोपाल से आई टीम ने सोमवार शाम से ही दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए। जांच टीम ने तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह को तलब कर पूछताछ की है।
शिकायत में लगाए गए ये आरोप
शिकायतकर्ता प्रीतम सिंह ने बताया कि नगर परिषद में दस साल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माण कार्यों और खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने कहा कि यह रकम थोड़ी बहुत नहीं, बल्कि करोड़ों में है। प्रीतम सिंह ने जांच दल को कई दस्तावेज और सबूत भी सौंपे हैं। उनका दावा है कि जांच के बाद बड़ा घोटाला सामने आएगा।
आरोपों को बताया झूठा
पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिकायतें झूठी और राजनीति से प्रेरित हैं। लक्ष्मण सिंह ने जांच अधिकारियों को शिकायतकर्ता के पुराने मामलों से जुड़े कुछ दस्तावेज भी सौंपे हैं, ताकि उनकी मंशा पर सवाल उठाए जा सकें। वहीं, नगर परिषद की सीएमओ ऋतु पुरोहित ने बताया कि जांच दल ने जो-जो रिकॉर्ड मांगे थे, वे सभी उपलब्ध करा दिए गए हैं, जबकि वर्तमान अध्यक्ष सुंदर लाल विश्वकर्मा का कहना है कि उन्हें इस पूरी शिकायत की कोई जानकारी नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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जांच जारी
नगरीय प्रशासन विभाग से आए जांच अधिकारी वी.के. सिंह ने बताया कि टीम अब कुछ दिनों तक पथरिया में ही कैंप करेगी। सभी संबंधित रिकॉर्ड और बयानों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोप कितने सही हैं। फिलहाल, हर प्वाइंट पर प्राथमिकता से जांच की जा रही है।
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दमोह, दिनेश अग्रवाल

