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बुंदेलखंड बनेगा फिल्मों का नया हब, जनवरी में दमोह में भव्य फिल्म फेस्टिवल

Reported by:Dinesh Agarwal|Edited by:Bhawna Choubey
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समृद्ध इतिहास, लोकसंस्कृति और बुंदेली बोली की पहचान अब सिनेमा के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचेगी। मध्यप्रदेश सरकार की पहल से बुंदेलखंड में फिल्म निर्माण, बुंदेली फिल्मों और पर्यटन को नई उड़ान मिलने जा रही है।
बुंदेलखंड बनेगा फिल्मों का नया हब, जनवरी में दमोह में भव्य फिल्म फेस्टिवल

बुंदेलखंड (Bundelkhand) जिसे अब तक अपने वीर इतिहास, लोकगीतों, लोकनृत्य और अलग पहचान वाली बुंदेली बोली के लिए जाना जाता रहा है, अब सिनेमा की दुनिया में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जनवरी महीने में दमोह जिले में होने वाला बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल और पर्यटन समागम न सिर्फ क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देगा, बल्कि बुंदेली भाषा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की नींव भी रखेगा।

प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की इस पहल को बुंदेलखंड के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि जिस तरह मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग के लिए देशभर में पसंदीदा राज्य बन रहा है, उसी तरह बुंदेलखंड भी जल्द ही फिल्म निर्माण का अहम केंद्र बन सकता है।

जनवरी में दमोह बनेगा बुंदेलखंडी सिनेमा का मंच

आगामी 9, 10 और 11 जनवरी को दमोह जिले में आयोजित होने वाला यह फिल्म फेस्टिवल खासतौर पर बुंदेली भाषा और बुंदेलखंड की संस्कृति पर केंद्रित रहेगा। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, तकनीकी विशेषज्ञ और कला प्रेमी शामिल होंगे।

यह पहली बार है जब बुंदेलखंड स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर फिल्म फेस्टिवल और पर्यटन समागम को एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल फिल्में दिखाना नहीं, बल्कि बुंदेली सिनेमा के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करना है, ताकि स्थानीय कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।

संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने क्या कहा

दमोह में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल बुंदेली संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की भाषा, लोककथाएं, संगीत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सिनेमा के लिए बेहद समृद्ध सामग्री है। बुंदेली भाषा में बनने वाली फिल्में न सिर्फ स्थानीय दर्शकों को जोड़ेंगी, बल्कि देश-विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाएंगी। आने वाले समय में यह आयोजन बुंदेलखंड के सांस्कृतिक नक्शे को नई पहचान देगा और यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।

बुंदेली भाषा की फिल्मों को मिलेगा बढ़ावा

इस फिल्म फेस्टिवल की सबसे खास बात यह है कि इसमें बुंदेली भाषा में शॉर्ट फिल्में और फीचर फिल्में बनाई और प्रदर्शित की जाएंगी। अब तक बुंदेली बोली सीमित मंचों तक ही सिमटी रही है, लेकिन इस पहल से इसे बड़े पर्दे पर पहचान मिलने की उम्मीद है। फेस्टिवल के दौरान बुंदेली विषयों पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी, साथ ही नई फिल्मों के निर्माण की घोषणा और संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इससे क्षेत्रीय भाषा सिनेमा को न केवल सम्मान मिलेगा, बल्कि बुंदेलखंड की कहानियां भी दुनिया तक पहुंच सकेंगी।

स्थानीय कलाकारों को मिलेगा रोजगार और पहचान

बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल का एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को रोजगार और मंच उपलब्ध कराना है। आयोजन में आने वाले राष्ट्रीय स्तर के फिल्म निर्माता और निर्देशक स्थानीय कलाकारों के साथ काम करेंगे। इससे न सिर्फ अभिनय, बल्कि कैमरा, स्क्रिप्ट, संगीत, मेकअप, कॉस्ट्यूम और तकनीकी क्षेत्रों में भी स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे। लंबे समय से बुंदेलखंड के कलाकार बड़े मंच की तलाश में थे, और यह फेस्टिवल उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है।

पशुपालन मंत्री लखन पटेल का बयान

प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि आज मध्यप्रदेश बॉलीवुड और अन्य फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक पसंदीदा राज्य बन चुका है। बड़े-बड़े फिल्म निर्माता यहां शूटिंग कर रहे हैं, क्योंकि राज्य सरकार फिल्म नीति के जरिए हरसंभव सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल के जरिए यहां के कलाकारों को सीधे बड़े फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे बुंदेलखंड की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

पर्यटन समागम से बुंदेलखंड को मिलेगा नया आयाम

फिल्म फेस्टिवल के साथ-साथ पर्यटन समागम का आयोजन भी किया जा रहा है। बुंदेलखंड ऐतिहासिक धरोहरों, किलों, मंदिरों, जलप्रपातों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर क्षेत्र है, लेकिन अब तक इसकी पर्यटन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। पर्यटन समागम के दौरान बुंदेलखंड में पर्यटन की संभावनाओं, नई योजनाओं और निवेश पर चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि फिल्मों के जरिए किसी भी क्षेत्र की पहचान तेजी से बनती है और इससे पर्यटन को सीधा फायदा मिलता है।

फिल्म शूटिंग के लिए बुंदेलखंड क्यों है खास

बुंदेलखंड की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता इसे फिल्म शूटिंग के लिए आदर्श बनाती है। यहां के किले, गांव, खेत, पहाड़ और ऐतिहासिक स्थल फिल्मों को वास्तविकता और गहराई देते हैं। सरकार की योजना है कि फिल्म फेस्टिवल के जरिए बुंदेलखंड को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट किया जाए। इससे आने वाले समय में यहां बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग हो सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

बुंदेलखंड की संस्कृति को मिलेगा वैश्विक मंच

हम मानते हैं कि सिनेमा किसी भी संस्कृति को जीवंत रखने और आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल के जरिए यहां की लोकसंस्कृति, बुंदेली बोली और जीवनशैली को वैश्विक मंच मिलने जा रहा है। यह आयोजन केवल तीन दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में इसे एक बड़े सांस्कृतिक आंदोलन का रूप देने की तैयारी है। सरकार और बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन मिलकर इसे हर साल और अधिक भव्य बनाने की दिशा में काम करेंगे।

 

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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