हाईवे पर बंदूक की नोक पर व्यापारी के साथ लूट, सात लाख रुपये से भरा बैग छिनकर बदमाश फरार

व्यापारी के मुताबिक उनके बैग में वसूली कर के लाए गए सात लाख से ज्यादा रुपए थे जिसे बदमाश लूट कर ले गए उधर डॉक्टर्स का कहना है व्यापारी एक चेहरे पर चोट के निशान हिं उनकी हालत खतरे से बाहर है।
Damoh businessman robbed

Damoh businessman robbed

दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर बीती रात मोटर साइकिल सवार बदमाशों ने बंदूक की नोक पर एक व्यापारी को लूट लिया और फरार हो गए, बदमाश जिस बैग को छिनकर भागे उसमें 7 लाख रुपये थे,  व्यापारी ने बदमाशों का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई जिससे उनके चेहरे पर चोट आई है, सूचना के बाद पुलिस ने व्यापारी को अस्पताल पहुंचाया जहाँ उनका इलाज जारी है उधर इस लूट की सनसनीखेज वारदात के बाद शहर में दहशत का माहौल बन गया है।

बीती रात दमोह के एक इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापारी के साथ बंदूक की नोक पर लूट हो गई, जानकारी के मुताबिक व्यापारी राजकुमार नागदेव सागर जिले के रहली और गढ़ाकोटा में दुकानदारों के यहां से वसूली कर के बाइक से दमोह लौट रहे थे तभी दमोह के देहात थाना क्षेत्र के कुमेरिया के पास एक बाइक पर सवार तीन लोगों ने राजकुमार को बीच सड़क पर रोका उन्हें बाइक से नीचे गिराया और बंदूक दिखाकर उनसे बैग छीन कर ले गए। पीड़ित व्यापारी के मुताबिक उनके बैग में वसूली कर के लाए गए सात लाख से ज्यादा रुपए थे।

राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल 

इस घटना में व्यापारी को चोटें भी आई है, सड़क पर पड़े व्यापारी को देखकर कुछ लोग रुके और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल व्यापारी को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उन्हें इलाज दिया जा रहा है।डाक्टर के मुताबिक घायल राजकुमार खतरे से बाहर है। वहीं इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस की नींद भी उड़ गई है।

पुलिस पार्टियाँ कर रही लुटेरों की तलाश 

सूचना के बाद देर रात ही पुलिस के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और घटना स्थल का जायजा लिया सीएसपी एच आर पांडे का कहना है कि लूट की घटना हुई है और जानकारी लगते ही अलग अलग पार्टियां बनाई गई है और जल्दी ही वारदात के आरोपी पकड़े जायेंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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