
Damoh News : मध्य प्रदेश बोर्ड में परीक्षा के परिणाम आ चुके हैं। जिसमें दमोह जिले ने बेहतर जगह बनाई है और प्रदेश की टॉप-10 की सूची में 10वीं और 12वीं में जिले के बच्चे शामिल है। वहीं, दोनों कक्षाओं में फेल होने वाले बच्चों की संख्या भी बढ़ी है। बता दें कि जिलेभर में ये आंकड़ा 10 हजार के पार है। इस हालातों को देखते हुए जिला कलेक्टर सुधीर कोचर काफी ज्यादा चिंतित हैं। इसके लिए कलेक्टर कोचर ने टॉपर्स के साथ मिलकर लंबी चर्चा करते हुए उन्हें बधाई दी।
बनाई ये रणनीति
इसके साथ एक नई रणनीति बनाकर असफल हुए बच्चों के साथ मेहनत करने का संकल्प लिया गया है। क्लेक्टर ने प्रदेश सरकार की “रुक जाना नहीं” स्कीम के सहारे फेल हुए बच्चों के साथ खास मेहनत करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत, सिर्फ औपचारिकता न हो बल्कि प्रदेश में सबसे हटकर दमोह जिले में काम किया जाएगा। दरअसल, जिले में 10 हजार से ज्यादा फेल हुए बच्चों के लिए आगामी 5 मई तक रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। फिर 6 से 18 मई तक इन बच्चों के लिए विशेष कैंप लगाकर उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
बच्चों से की अपील
बता दें कि इसके लिए जिले के सबसे बेस्ट टीचर्स को शामिल किया जाएगा, जो इस कैंप के जरिये बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करेंगे। साथ ही कलेक्टर ने बच्चों से अपिल कि है कि वह रजिस्ट्रेशन कराकर इस ट्रेंनिग कैंप में शामिल हो। उनका यह पहला लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के साथ साथ जिला प्रशासन के अधिकारी स्वयं सेवी संस्थाओं के जरिए बच्चों को मोटीवेट किया जाएगा।
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दमोह, दिनेश अग्रवाल
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

