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पटाखों की कीमतों पर निगरानी रखेगी GST टीम, 15 अक्टूबर की शाम से पहले नहीं मिल पाएंगे पटाखे

Written by:Atul Saxena
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कलेक्टर ने साफ किया है कि पटाखों के रेट पर जीएसटी टीम निगरानी रखेगी और जो भी दुकानदार महंगे दामों में पटाखे बेचेगा उस पर कार्यवाही भी होगी इसके लिए दमोह हेल्पलाइन का नंबर भी जारी किया गया है।
पटाखों की कीमतों पर निगरानी रखेगी GST टीम, 15 अक्टूबर की शाम से पहले नहीं मिल पाएंगे पटाखे

दिवाली के नजदीक आते ही लोग इसकी तैयारी में जुट गए हैं बाजार सज गए हैं, घर की सजावट के सामान के साथ साथ रंगाई पुताई का काम शुरू हो गया है, बाजारों में भीड़ बढ़ रही है लोगों को अब पटाखों का इन्तजार है और जल्दी ही ये इन्तजार समाप्त होने जा रहा है, प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है।

दमोह में दीपावली की तैयारियां जोरों पर है और लोग इस शानदार त्यौहार को मनाने के लिए इंतजार कर रहे हैं, इस त्यौहार में पटाखे खास होते हैं तो दमोह में पटाखों को लेकर पिछले कुछ दिनों से गहमागहमी चल रही है। जिला प्रशासन ने अब तक पटाखा व्यापारियों को लायसेंस जारी नहीं किए है और बिना लायसेंस के इस व्यापार से जुड़े लोग खासे परेशान है।

15 अक्टूबर शाम से बिकेंगे पटाखे 

दमोह में दूसरे राज्यों से पटाखा आता है और ऐसे में अब व्यापारियों के सामने बेहद कम समय बचा है और इसे लेकर व्यापारी भी खासे नाराज है। इस बीच जिले के कलेक्टर ने 15 अक्टूबर की शाम से व्यापारियों को पटाखे बेचने की अनुमति दी है और इसके लिए बाजार के इलाके में पाबंदी लगाई है, सुरक्षा की दृष्टि से शहर से बाहर पटाखा बाजार लगाया जाएगा और जो भी बाजार में पटाखा बेचेगा उस पर कानूनी कार्यवाही की निर्देश दिए गए है। ऐसे हालातों में अब तक बड़ी संख्या में पटाखा भी जब्त हुए हैं।

निर्धारित कीमत से अधिक पर पटाखे बेचे तो होगा एक्शन 

इसके अलावा पटाखों की कमी होने की संभावना भी है और लोगों को महंगे दामों में पटाखे मिलने की आशंका भी है जिसे लेकर कलेक्टर ने साफ किया है कि पटाखों के रेट पर जीएसटी टीम निगरानी रखेगी और जो भी दुकानदार महंगे दामों में पटाखे बेचेगा उस पर कार्यवाही भी होगी इसके लिए दमोह हेल्पलाइन का नंबर भी जारी किया गया है।

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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