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दमोह में मकान कब्जा विवाद हुआ हिंसक, दिनभर तनाव के बाद रात में हालात बिगड़े

Reported by:Dinesh Agarwal|Edited by:Bhawna Choubey
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दमोह के टंडन बगीचा इलाके में मकान पर कब्जे को लेकर चला आ रहा विवाद रविवार को हिंसा में बदल गया। कोर्ट के आदेश के बावजूद घर खाली न होने से शुरू हुआ मामला दिनभर तनाव और रात में मारपीट तक पहुंच गया। कई वीडियो सामने आए, पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पहुंचाया।
दमोह में मकान कब्जा विवाद हुआ हिंसक, दिनभर तनाव के बाद रात में हालात बिगड़े

दमोह शहर का टंडन बगीचा इलाका, जिसे आमतौर पर शांत और सुरक्षित माना जाता है, रविवार को अचानक तनाव और हंगामे का केंद्र बन गया। यहां एक मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद दिनभर बवाल का कारण बना रहा। शाम ढलते-ढलते हालात और बिगड़ गए और बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

यह मामला सिर्फ दो परिवारों के झगड़े तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इलाके की शांति और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर गया। स्थानीय लोग दिनभर सहमे रहे और रात होते-होते माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कई बार मौके पर पहुंचना पड़ा।

कोर्ट का आदेश और मकान खाली न करने से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, टंडन बगीचा स्थित जिस मकान को लेकर विवाद हुआ, उसमें रह रहे लोग कोर्ट से केस हार चुके थे। कोर्ट के स्पष्ट आदेश थे कि संबंधित मकान को खाली किया जाए, लेकिन आदेश के बावजूद मकान खाली नहीं किया गया। इससे मकान के असली मालिकाना हक रखने वाले पक्ष में नाराजगी बढ़ती गई। रविवार को जब मालिकाना हक रखने वाले पक्ष ने कोर्ट के आदेश के आधार पर मकान पर कब्जा लेने की कोशिश की, तभी विवाद ने तूल पकड़ लिया। पहले कहासुनी हुई, फिर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। दिनभर इस पाश इलाके में गहमागहमी बनी रही और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर घटनाक्रम देखते रहे।

दिन में पुलिस की समझाइश

जैसे ही विवाद की जानकारी पुलिस को मिली, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की और उन्हें समझाइश देकर मामला शांत कराने की कोशिश की। कुछ देर के लिए स्थिति सामान्य भी हुई और पुलिस वहां से लौट गई। हालांकि, पुलिस के जाने के बाद दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। पुराने विवाद और गुस्से ने एक बार फिर आग पकड़ ली। शाम होते-होते बहस और तेज हो गई और रात तक मामला पूरी तरह बिगड़ चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शायद हालात इतने खराब नहीं होते।

रात में मारपीट, सामने आए कई वीडियो

रात होते-होते विवाद हिंसक रूप में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार और शोरगुल से पूरा इलाका गूंज उठा। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस झगड़े के वीडियो रिकॉर्ड कर लिए, जो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आए। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए। यह दृश्य उस इलाके के लिए चौंकाने वाले थे, जिसे आमतौर पर शांत माना जाता है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, दोनों पक्ष थाने पहुंचे

हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस एक बार फिर मौके पर पहुंची। इस बार पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को पुलिस थाने ले जाया गया। कोतवाली थाने में दोनों पक्षों की ओर से शिकायती आवेदन दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आवेदनों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ताकि दोषियों पर उचित कदम उठाए जा सकें।

एक युवक घायल

इस मकान कब्जा विवाद के दौरान एक पक्ष के युवक को चोटें भी आई हैं। मारपीट में घायल युवक को पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। डॉक्टरों द्वारा उसका परीक्षण किया गया है और चोटों की रिपोर्ट तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अगर मारपीट और कानून व्यवस्था भंग करने की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।

इलाके में दहशत

इस घटना के बाद टंडन बगीचा इलाके के लोग काफी चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं इलाके की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर कोर्ट का आदेश था, तो उसे कानून के दायरे में ही लागू किया जाना चाहिए था, न कि आपसी टकराव के जरिए। लोगों को डर है कि अगर ऐसे मामलों में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में भी इस तरह के विवाद हिंसक रूप ले सकते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी थी।

दमोह में पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

दमोह में मकान कब्जा विवाद कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग इलाकों में संपत्ति को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई मामलों में कोर्ट के आदेश के बाद भी पक्षों के बीच तनाव बना रहता है, जो कभी-कभी हिंसा में बदल जाता है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट के आदेशों को लागू कराने में प्रशासन की भूमिका बेहद अहम होती है। अगर समय रहते प्रशासनिक सहयोग मिले, तो ऐसे विवादों को हिंसा तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

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Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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