फर्जी डॉक्टर डॉ एन जॉन केम ने जिस कैथ लैब में की सर्जरी, वो लैब भी फर्जी, 9 पर एफआईआर दर्ज

दमोह के मिशन अस्पताल में संचालित कैथ लैब अभी अब फर्जी पाई गई है यानि अस्पताल की लैब किसी फर्जी नाम से संचालित की जा रही थी, जिसमें कथित डॉक्टर केम ने सर्जरी की थी और वहां सात मरीजों की जान चली गई
Mission Hospital Damoh

Mission Hospital Damoh :  मध्य प्रदेश के दमोह से बड़ी खबर सामने आई है, जहां फर्जी डॉक्टर डॉ एन जॉन केम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव द्वारा की गईं हार्ट सर्जरी और सात मौतों के आरोप मामले में अब विवादास्पद मिशन अस्पताल के प्रबंधकों पर मामला दर्ज हुआ है इस मामले में बड़ा खुलासा किया है कि जिस कैथ लेब में डॉ केम ने सर्जरी की उसका रजिट्रेशन भी फर्जी पाया गया है।

बता दें तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने मिशन अस्पताल के इस कैथ लेब को सील किया था और आज मंगलवार को इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि दमोह के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को एक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अखिलेश दुबे ने एक शिकायत की थी कि उनके नाम से यहाँ फर्जी तरीके से कैथ लेब चल रही है।

शिकायत की जाँच में सामने आया फर्जीवाड़ा 

इस शिकायत की जांच सीएमएचओ ने की तो मिशन अस्पताल का कैथ लेब रजिस्ट्रेशन अवेध पाया गया। इस जांच के बाद स्वास्थ्य अधिकारी ने पुलिस को प्रतिवेदन सौंपा और पुलिस ने मिशन अस्पताल दमोह के प्रबन्ध समिति के 9 सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने 9 लोगों पर दर्ज की एफआईआर 

आपको बता दें कि इसी कैथ लेब में फर्जी डॉक्टर डॉ केम ने सर्जरी की थी और इनमें सात लोगों  की मौत के आरोप है जिसकी जांच चल रही है, डॉ केम के खिलाफ फर्जी डिग्रियां रखने के आरोप में पहले ही एक मामला दर्ज है जिसमे उनकी गिरफ्तारी हुई है और वो 17 अप्रेल तक पुलिस रिमांड में है वहीं अब इसी मामले से जुड़ी दूसरी एफ आई आर हुई है।

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दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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