ट्रैक्टर चोर गिरोह पुलिस गिरफ्त में, दो चोरियों का खुलासा, बड़े वाहनों पर रहती थी नजर, कलर चेंज कर बेच देते थे

दोनों चोर सागर जिले के रहने वाले है। इनमें से एक का बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है गिरोह बड़ा होने की आशंका भी है, पुलिस पूछताछ कर रही है ।
Damoh Police arrest tractor-stealing gang

Damoh Police arrest tractor-stealing gang

दमोह के बटियागढ़ से बीते दिनों हुई ट्रैक्टर ट्राली चोरी की घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ था और बीच बाजार रात के वक्त चोरी की के घटना ने पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया लेकिन पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए  चोर गिरोह को धर दबोचा है।

एसपी आनंद कलादगी ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रैक्टर ट्राली चोरी की घटना एक बाद पुलिस की अलग अलग टीमें बनाई गई, टीमों ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज चैक किये, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और फिर पुलिस गिरोह तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया 

पकड़े गए दो चोरों से पुलिस ने चोरी गया ट्रैक्टर ट्राली तो जब्त किया ही साथ ही पूछताछ के एक और ट्रैक्टर, एक टेंकर इनके द्वारा बताया गया किसे जब्त किया गया है इसके अलावा चोरी में उपयोग की गई पिकअप गाड़ी में जब्त हुई और इस तरह से करीब 25 लाख का माल जब्त हुआ है। दोनों चोर सागर जिले के रहने वाले है। इनमें से एक का बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है वहीं गिरोह बड़ा होने की आशंका भी है। पुलिस ने इन चोरों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया हे। एसपी के मुताबिक इस गिरोह से और भी चोरियों के राज खुलने की उम्मीद है।

ऐसे खपाते थे चोरी किये वाहन 

एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी शातिर बदमाश है उसके खिलाफ कई प्रकरण पुलिस थानों में दर्ज हैं, उन्होंने बताया कि गिरोह की नजर बड़े वाहनों पर ही रहती थी, ये लोग सुनसान खड़े ट्रैक्टर ट्राली , ट्रैक्टर टेंकर को पिक अप वाहन से अटैच कर ले चोरी कर लेते थे फिर उसका कलर बदलकर बेच देते थे या अलग अलग पार्ट में उसे बेच देते थे, पुलिस इनके अन्य साथियों के बारे में भी मालूम कर रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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