दमोह स्टेशन पर बाल तस्करी का शक, अंत्योदय एक्सप्रेस में मचा हड़कंप, प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

दमोह रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी की सूचना मिलते ही पुलिस, RPF और बाल कल्याण समिति ने अंत्योदय एक्सप्रेस में सघन जांच अभियान चलाया। दरअसल, बच्चों को बाल श्रम के लिए ले जाए जाने की आशंका ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क कर दिया।
दमोह स्टेशन पर बाल तस्करी का शक

मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रशासन को सूचना मिली कि कुछ बच्चों को बाल श्रम के लिए ट्रेन के जरिए दूसरे राज्यों में ले जाया जा रहा है।

दरअसल, हाल के दिनों में देशभर में बाल तस्करी और बाल श्रम के मामलों को लेकर सरकार काफी सख्त नजर आ रही है। ऐसे में दमोह रेलवे स्टेशन पर मिली यह सूचना प्रशासन के लिए बेहद संवेदनशील बन गई।

बाल तस्करी की सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

जानकारी के अनुसार, बाल कल्याण समिति और अन्य विभागों को यह इनपुट मिला था कि दरभंगा से अहमदाबाद जा रही अंत्योदय एक्सप्रेस के जरिए बच्चों को बाल श्रम के उद्देश्य से ले जाया जा सकता है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और संयुक्त टीम बनाकर दमोह स्टेशन पर जांच शुरू कर दी।

दरअसल, कई बार बच्चों को मजदूरी कराने के लिए बड़े शहरों में भेजा जाता है। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं, जिन्हें बहला-फुसलाकर या परिवार की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर बाहर ले जाया जाता है। यही वजह रही कि दमोह स्टेशन पर प्रशासन ने कोई जोखिम नहीं लिया।

टीम ने ट्रेन के कई डिब्बों में जाकर बच्चों और उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों से पूछताछ की। बच्चों के दस्तावेज भी जांचे गए। अधिकारियों ने आधार कार्ड और पहचान संबंधी कागजात की जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई बच्चा गलत तरीके से तो नहीं ले जाया जा रहा।

अंत्योदय एक्सप्रेस में चला सघन जांच अभियान

दमोह स्टेशन पर जैसे ही अंत्योदय एक्सप्रेस पहुंची, अधिकारियों ने अलग-अलग टीमों में बंटकर जांच शुरू कर दी। कुछ अधिकारी बच्चों से बातचीत कर रहे थे, जबकि अन्य लोग यात्रियों के दस्तावेज देख रहे थे। पुलिस और RPF के जवान लगातार ट्रेन के हर हिस्से पर नजर बनाए हुए थे।

दरअसल, ट्रेन का स्टॉपेज सीमित समय के लिए था, इसलिए टीम के सामने समय की बड़ी चुनौती भी थी। इसी वजह से पूरी ट्रेन की जांच नहीं हो सकी। अधिकारियों ने कुछ प्रमुख डिब्बों में ही तलाशी अभियान चलाया। हालांकि जांच के दौरान कोई बाल श्रमिक या संदिग्ध मामला सामने नहीं आया।

फिर भी प्रशासन इस कार्रवाई को बेहद अहम मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय थोड़ा और मिलता, तो बाकी डिब्बों की भी जांच की जा सकती थी। ट्रेन रवाना होने के बाद अगले बड़े स्टेशन सागर को भी अलर्ट कर दिया गया, ताकि वहां आगे की जांच की जा सके।

Bhawna Choubey
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