दमोह का पहला संक्रमित मरीज़ हुआ ठीक, कलेक्टर ने गुलदस्ता देकर घर भेजा

दमोह का पहला संक्रमित मरीज़ हुआ ठीक, कलेक्टर ने गुलदस्ता देकर घर भेजा

दमोह/गणेश अग्रवाल

दमोह जिले में लगातार सामने आ रहे कोरोना पाजेटिव मामलों के बीच आंकड़ा 11 पर पहुंच गया है और इलाके में चिंता बढ़ती जा रही है। लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर है जिसके बाद लोगों को कुछ राहत मिलेगी। जिले में सबसे पहले पाए गए कोरोना पॉजिटिव का इलाज होने के बाद वो पूरी तरह स्वस्थ्य हो गया है और सोमवार को उसकी ताजा रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

24 साल का ये युवक बीते दिनों मुंबई से दमोह जिले के सर्रा गावँ आया था। युवक प्रवासी मजदूर था और जांच के बाद उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। चूंकि ये जिले में पहला संक्रमित युवक था लिहाजा सबकी निगाह इसी पर थी। सोमवार को इस युवक की रिपोर्ट नेगेटिव आई जिसके बाद स्वास्थ्य अमले के साथ प्रशासन में भी खुशी की लहर छा गई। देर शाम युवक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और उसके पहले बाकायदा जिले के कलेक्टर तरुण राठी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका सम्मान किया। युवक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसका बेहतर इलाज किया गया सुविधाएं भरपूर मिली और उसने अपना मनोबल नही टूटने दिया जिसके बाद वो अब पूर्ण स्वस्थ्य है। वहीं जिले के कलेक्टर तरुण राठी ने खुशी जाहिर करते हुए लोगों से कहा है की घबराएं ना बल्कि सतर्क सावधान रहें। वहीं युवक का इलाज करने वाले चिकित्सक भी बेहद खुश हैं और जनता से अपील कर रहे हैं कि लोग नियमों का पालन करें।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews