लॉकडाउन में घर लौटे मजदूर दोबारा पलायन करने को मजबूर, जानिए पूरा मामला

लॉकडाउन में घर लौटे मजदूर दोबारा पलायन करने को मजबूर, जानिए पूरा मामला

दमोह, गणेश अग्रवाल। लॉकडाउन के चलते मजदूरों के घर वापस आने के दौरान शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं बनाकर इन मजदूरों को रोजगार दिए जाने की बात कही गई थी। लेकिन मजदूरों की माने तो उनका कहना है कि शासन के द्वारा बनाई गई योजनाओं से उनको मजदूरी नहीं मिल पा रही, जिससे वे लोग एक बार फिर एक जिले से दूसरे जिले और एक राज्य से दूसरे राज्य पलायन कर मजदूरी करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

दमोह जिले के विभिन्न अंचलों के मजदूर अब जिले से दूसरे स्थानों और दूसरे जिलों में पलायन करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं दूसरे राज्यों को जाने के लिए भी यह मजदूर नजर आ जाते हैं। ताजा मामला देर रात का है जहां पर कुछ मजदूर एक वाहन में भरकर पलायन करते दिखाई दिए, एक वाहन में 2 दर्जन से भी ज्यादा महिलाएं बच्चे और पुरुष मजदूरी के लिए पलायन करते दिखाई दिए। इन लोगों का कहना था कि उनको गांव में मजदूरी नहीं मिल रही, यही कारण है कि वह लोग दूसरे जिलों में पलायन कर वहां मजदूरी की तलाश करने जा रहे हैं। इतना ही नहीं यही लोग दूसरे राज्यों में भी पलायन कर मजदूरी करने के लिए जाते हैं। शासन द्वारा उनके ही गांव में उनको मजदूरी दिए जाने की योजनाओं को कार्यान्वित लॉकडाउन के वक्त से किया गया है, लेकिन वह सफल होती नजर नहीं आ रही।

वहीं जिला कलेक्टर का कहना है कि जो मजदूर अन्य स्थानों पर मजदूरी करने के लिए जाते थे. उनको वहां पर ज्यादा मजदूरी मिलती थी। ऐसे में अब जब सब कुछ अनलॉक हो गया है तो वह अपने पुराने काम पर भी लौट रहे हैं। लेकिन शासन के द्वारा शासकीय योजनाओं के माध्यम से उनको गांव में ही मजदूरी दिए जाने का काम लगातार जारी है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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