अतिथि विद्वानों के लिए बड़ी खबर, उच्च शिक्षा मंत्री बोले- किसी को भी नहीं निकाला जा रहा बस परीक्षा पास करनी होगी

मंत्री परमार ने कहा कि अतिथि विद्वानों को लेकर परीक्षा आयोजित की जाएगी जिसमें 25 फीसदी विद्वान सिलेक्ट होंगे और इसमें फेल होने वाले लोगों को फिर से मौका दिया जाएगा।
अतिथि विद्वानों के लिए बड़ी खबर, उच्च शिक्षा मंत्री बोले- किसी को भी नहीं निकाला जा रहा बस परीक्षा पास करनी होगी

मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों के लिए अच्छी खबर है, उन्होंने कहा है कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है किसी को भी निकाला नहीं जा रहा है बस उन्हें एक परीक्षा पास करनी होगी उनका जॉब जारी रहेगा।

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं दमोह के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक में शामिल होकर बुधवार रात दमोह पहुंचे, आज गुरुवार को मंत्री परमार ने पीएम श्री महाविद्यालय का भ्रमण किया और वहाँ बताई गई समस्याओं के निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार को महाविद्यालय स्टाफ ने बताया कि पुराना भवन काफी जर्जर हो गया है जिसको डिस्मेंटल किए जाने की आवश्यकता है इस पर मंत्री ने विभिन्न कमियों को जानते हुए कॉलेज के भवन सहित पीएम श्री महाविद्यालय के हिसाब से महाविद्यालय का जीर्णोद्धार करने की बात कही, लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कमियां पाई जिसे दूर करने के निर्देश दिए।

किसी भी अतिथि विद्वान नहीं हटाया जाएगा 

मीडिया से बात करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि विद्वानों के सवाल पर कहा कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, उन्होंने भरोसा दिया कि एक भी अतिथि विद्वान को हटाने का सरकार का कोई प्लान नहीं है बस उन्हें एक परीक्षा पास करनी होगी और उनकी जॉब जारी रहेगी।

पात्रता परीक्षा पास करनी होगी 

मंत्री परमार ने कहा कि अतिथि विद्वानों को लेकर परीक्षा आयोजित की जाएगी जिसमें 25 फीसदी विद्वान सिलेक्ट होंगे और इसमें फेल होने वाले लोगों को फिर से मौका दिया जाएगा। मंत्री परमार ने साफ कहा कि पात्रता परीक्षा तो पास करना ही होगी यदि पास ही नहीं हो रहे हैं तो उन्हें कैसे लिया जाए? इसके साथ ही वर्षों से इस काम में लगे हुए विद्वानों को लेकर मंत्री ने कहा है कि किसी को भी हटाने की मंशा नहीं है और उनका कोई नुकसान नहीं होगा।

दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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