दमोह में राजस्व और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया ध्वजारोहण

दमोह में राजस्व और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया ध्वजारोहण

दमोह। गणेश अग्रवाल। जिला मुख्यालय पर 26 जनवरी गणतंत्र पर्व के प्रमुख समारोह के दौरान कमलनाथ सरकार के मंत्री गोविंद राजपूत ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण किया. इस दौरान मंत्री गोविंद राजपूत ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन भी किया. मुख्य अतिथि के रूप में गोविंद सिंह राजपूत सभी कार्यक्रमों में शामिल भी हुए.

कमलनाथ की कांग्रेस सरकार के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दमोह जिला मुख्यालय पर पहली बार ध्वजारोहण किया. भाजपा की सरकार के दौरान लगातार स्थानीय मंत्री के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता रहा. लेकिन सरकार बदलते ही 26 जनवरी एवं 15 अगस्त को कलेक्टर द्वारा ही ध्वजारोहण किया गया. इस बार भी मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी की गई सूची में तत्कालीन कलेक्टर को ही ध्वजारोहण करना था, लेकिन 2 दिन पहले शासन द्वारा संशोधित सूची जारी किए जाने के बाद शासन के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शनिवार की देर शाम दमोह पहुंचकर रात्रि विश्राम किया. वही सुबह-सुबह मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. जहां पर सबसे पहले उन्होंने ध्वजारोहण किया, और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन भी किया. इसके बाद मंत्री जी ने परेड की सलामी भी ली. वही मंत्री जी मंचीय कार्यक्रमों में भी शामिल होते नजर आए. इस आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ शासकीय कर्मचारी मौजूद रहे.

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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