कौन है एमपी की रॉबिनवुड विधायक, रिश्वत के पैसे कराए वापस

कौन है एमपी की रॉबिनवुड विधायक, रिश्वत के पैसे कराए वापस

गणेश अग्रवाल/दमोह। क्या आपने कभी सुना है कि कोई व्यक्ति अपना काम कराने के लिए रिश्वत दे और वह रिश्वत का पैसा उसे वापस भी मिल जाए और उसका काम भी हो जाए। सुनकर ही अचंभा होता है लेकिन सोमवार को बसपा की विधायक रामबाई ने ऐसा ही कमाल कर दिखाया।

दरअसल रामबाई के सामने नगर पालिका परिषद पथरिया में लगातार इस तरह की शिकायतें आ रही थी कि जो कर्मचारी काम कर रहे हैं उन्हें स्थाई करने के नाम पर रिश्वत के रूप में 30 से 50 हजार रूपये मांगे जा रहे हैं और कई कर्मचारी पैसे जमा भी कर चुके हैं। भ्रष्टाचार की व्यापक शिकायतें मिलने के बाद खुद रामबाई ने इसको संज्ञान में लिया और जन समस्या निवारण के माध्यम से पूरी जांच कर संबंधित व्यक्तियों, जिन्होंने रिश्वत दी और जिन्होंने रिश्वत दी थी, उनको आमने सामने खड़ा कर दिया। इतना ही नहीं रामबाई ने रिश्वत देने वालों के पैैसे उन लोगों द्वारा वापिस भी कराए जिन्होने रिश्वत ली थी। फिर रिश्वत लेने वालों से बाकायदा शपथ दिलाई गई कि वे भविष्य में कभी रिश्वत नहीं लेंगे और देने वालों से भी वचन लिया गया कि वह किसी काम के लिए कभी रिश्वत नहीं देंगे। रामबाई का कहना है कि इस पूरे कृत्य में नगरपालिका के तत्कालीन अध्यक्ष भी शामिल है और वह अब भोपाल जाकर इस बात की बाकायदा शिकायत करेंगी। कुल 14 लोगों के पैसे वापस कराने के बाद रामबाई का कहना है कि अब भ्रष्टाचार की कोई भी शिकायत आई तो किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews