
Crop damage due to rain, storm and hail
मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदली है, चक्रवाती परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और और ट्रफ के चलते बदले मौसम से कई जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरे जिसने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है, प्रदेश के दमोह जिले में भी फसलों को नुकसान की खबर है लेकिन ख़ास बात ये है कि स्थानीय प्रशासन नुकसान की बात से बेखबर है।
मध्य प्रदेश में कल से बदले मौसम के मिजाज के बीच दमोह जिले में भी गर्मी के मौसम में बरसात और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। कल शाम से मौसम ने करवट ली और रात होते होते तक पूरे जिले में आंधी तूफान बरसात और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि हुई। ये हालात कही न कहीं किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
पकी फसल पर गिरे ओले, बारिश, आंधी, खेत में लेटी गेहूं की बालियाँ
अधिकांश इलाकों में या तो गेहूं की फसल खेतों में सूखी खड़ी है या फिर कटाई के बाद खलिहानों मैं थ्रेसिंग के इंतजार में है लेकिन बारिश फसल को गीला कर गई। जो फसल खेतों में खड़ी है वो आंधी और ओलावृष्टि की वजह से जमीन पर बिछ गई है।
किसानों की चिंता गेहूं का दाना काला पड़ जायेगा
जिले के तेंदूखेड़ा इलाके के कुछ गांवों में ओलावृष्टि की वजह से फसल प्रभावित हुई है। किसानों की माने तो यदि और बारिश होती है तो फसल को बड़ा नुकसान होगा लेकिन अभी जो ओले गिरे उस से फसल के दानों पर असर आएगा, ऐसे हालातों में गेहूं के दानों में कालापन आ जाता है और जब फसल मंडी में जाती है तो उसके दाम भी कम मिलते है।
SDM ने सर्वे कराने से किया इंकार
उधर इस पूरे मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम छोटे गिरी गोस्वामी का कहना है तूफान और हल्की बूंदाबांदी की खबर थी ओले गिरने की कोई सूचना नहीं है कहीं से कोई नुकसान की खबर भी नहीं आई है, सभी पटवारी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार और स्वयं एसडीएम फील्ड पर हैं, उन्होंने कहा जब नुकसान नहीं हुआ तो सर्वे की कोई बात ही नहीं है।
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