मृत्यु सहायता राशि में मांग रहा था रिश्वत, लोकायुक्त ने किया रंगे हाथ गिरफ्तार

मृत्यु सहायता राशि में मांग रहा था रिश्वत, लोकायुक्त ने किया रंगे हाथ गिरफ्तार

दमोह, आशीष कुमार जैन। सरकार की सख्ती के बावजूद रिश्वतखोर (Bribe) बाज नहीं आ रहे हैं। रिश्वरखोरों के हौसले कितने बुलंद हैं इसक अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सागर लोकायुक्त (Lokayukt Sagar) की टीम ने तीन दिन में दूसरा रिश्वतखोर  पकड़ा है।

इस बार लोकायुक्त की टीम ने नगर पालिका के सहायक राजस्व निरीक्षक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। हद तो इस बात की है कि इस रिश्वतखोर ने सरकार द्वारा गरीबों के परिजनों को दी जाने वाली मृत्यु सहायता राशि का भुगतान करने के लिए रिश्वत मांगी थी।

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मामले के मुताबिक शहर के नया बाजार में रहने वाले हेमेंद्र राज के पिता की मृत्यु 2020 में हुई थी और उसने प्रदेश सरकार की अनुग्रह सहायता राशि के लिए नगर पालिका में आवेदन किया था जिसके भुगतान के लिए सहायक राजस्व निरीक्षक मनोज तंतुवाय दस हजार रुपये की मांग कर रहा था और लगातार दबाव बना रहा था।

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पेशे से मजदूर हेमंत ये रकम देने में सक्षम नहीं था फिर भी उसने हाँ कर दी फिर किसी ने उसे लोकायुक्त में शिकायत करने की सलाह दी। उसने लोकायुक्त सागर की शरण ली।  इंस्पेक्टर मंजू सिंह ने बताया कि शिकायत की तस्दीक के बाद टीम ने जाल बिछाया और बुधवार को शहर के मछली मार्केट से सहायक राजस्व निरीक्षक मनोज तंतुवाय को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बीच बाजार रिश्वतखोर को पकड़ने के बाद लोकायुक्त की टीम उसे कोतवाली थाना ले गई।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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