भाण्डेर पुलिस ने दिखाई सतर्कता, लाखों के जेवरात चुराने वाला 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार

भाण्डेर पुलिस ने दिखाई सतर्कता, लाखों के जेवरात चुराने वाला 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार

दतिया|सत्येन्द्र सिंह रावत| 72 घंटो के अंदर चोरी गए सोने चांदी के आभूषण सहित चोर को 2,50,000 लाख के कीमत के आभूषण सहित भांडेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है|l

तीन जून को दिन में ताला तोड़कर फरयादी मीरा देवी पत्नी संतोष सर्राफा के सूने घर में चोर ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। चोर घर में रखे सोने चांदी के जेबरात ले गया था। चोरी की घटना पर भांडेर पुलिस ने प्रकरण क्रमांक177/20 धारा 454 ,338 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला पंजीकृत कर लिया था|

भांडेर पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए 72 घंटे के अंदर चोर को चोरी किये गए जेबरात सहित गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबीर की सूचना से आरोपी एक नाबालिक निवासी बजरिया मोहल्ला भांडेर को भांडेर पुलिस से गिरफ्तार कर लिया है पकड़े गए आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो सोने की चुडी , सोनेमंगलसूत्र, सोने की तीन अगुठी सोने के फुल सोने की छुमकी ,सोने की कनात,एक हाय की पुतरिया, 11सोने की नाक की लोग, 14 मोती सोने के 7 जोडा चांदी की पायल करधनी चादी की लगभग 2,50,000 लाख का माल बरामद कर लिया है। पुलिस कप्तान अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर भांडेर एसडीओपी मोहित कुमार यादव मार्गदर्शन में भांडेर थाना प्रभारी रोशन भारती के साथ एसआई प्रियंका यादव ,आकाश सिसिया आरक्षक बृजेश आरक्षक धर्मेंद्र की कार्यवाही।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews