कांग्रेस पर जमकर बरसे सिंधिया-शिवराज, “दिग्विजय और कमलनाथ को बताया गद्दार”

कांग्रेस पर जमकर बरसे सिंधिया-शिवराज, “दिग्विजय और कमलनाथ को बताया गद्दार”

दतिया, सत्येन्द्र रावत। उपचुनाव (byelection) की तारीख के ऐलान से पहले भाजपा पूरी दमखम के साथ चुनावी मैदान है। रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज़़ सिंह चौहान (Shivraj singh chauhan)और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भांडर तहसील पंहुचे, जहां मुख्यमंत्री ने 164 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान शिवराज और सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय पर निशाना साधते हुए उन्हें गद्दार बताया।

आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस में दूल्हा कोई और था और शहनाई किसी और ने बजाई, सिंधिया जी की मेहनत थी और मुख्यमंत्री बन गये कमलनाथ, हर काम में पैसे बनाये कमलनाथ बोरानाथ बन गये थे, कमलनाथ ने जनता से किया एक भी वादा नहीं निभाया, कमलनाथ गद्दार है, मैं किसानों और गरीबों को परेशान नहीं होने दूंगा, उनके लिए कहीं से भी पैसा लाऊंगा।

जनता के हित में सरकार गिराई , ..तो हूं मैं गद्दार

ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya scindia) ने कहा कि कमलनाथ मुझे गद्दार कहते हैं, मैने जनता के हित के लिए सरकार गिराई अगर जनता के हित में कोई काम करना गद्दारी है तो मैं गद्दार हूं । कमलनाथ अगर मुख्यमंत्री बन पाए तो ग्वालियर चंबल संभाग में मिली सीटों की वजह से कमलनाथ ने 15 महीने में वल्लभ भवन से अपने पैर बाहर नहीं निकाले। जो कांग्रेस अवैध रेत उत्खनन नहीं रोक पाई वह नदी बचाओ यात्रा निकाल रही है। कमलनाथ ने सरकार का कर्ज माफी सहित कोई भी वादा पूरा नहीं किया, हमें गद्दार कहते हैं, कमलनाथ व दिग्विजय सिंह गद्दार हैं । उन्होंने जनता के साथ धोखा किया है। इस बार जनता उन्हें अच्छे से सबक सिखाएगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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