दतिया उप चुनाव में हार पर बोले आशुतोष तिवारी, “मैं शिकार होने वाला मटेरियल नहीं हूँ”, भितरघातियों को दी नसीहत

आशुतोष तिवारी ने भितरघातियों के शिकार होने के सवाल एक जवाब में कड़े लहजे में कहा , मैं शिकार होने वाला मटेरियल नहीं हूँ, भितरघातियों की अपनी फितरत है वो उसे बदलें। 
Ashutosh Tiwari reaction on defeat

Ashutosh Tiwari reaction on defeat

मध्य प्रदेश के दतिया में हुए उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 6029 वोटों से हरा दिया, अब इस हार के साथ ही सियासी गलियारों में भितरघात की चर्चा शुरू हो गई है और भितरघातियों की खोज शुरू हो गई इस बीच आशुतोष तिवारी ने उन लोगों को कड़ा जवाब दिया है जो कह रहे हैं कि वे भितरघातियों के शिकार हो गए हैं।

किसी भी चुनाव में एक पार्टी जीतती है और दूसरी हारती है लेकिन जब सत्ताधारी दल उप चुनाव में हार जाता है तो उस दल के साथ साथ सरकार पर भी सवाल खड़े होते हैं, दतिया उप चुनाव में कुछ ऐसा ही हुआ है, हालाँकि दतिया सीट उप चुनाव से पहले कांग्रेस के ही पास थी राजेन्द्र भारती विधायक थे,लेकिन राजेन्द्र भारती के पहले दतिया के विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा थे वे 15 साल तक दतिया का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार में मंत्री भी रहे लेकिन 2018 का चुनाव वे राजेन्द्र भारती से हार गए थे।

आशुतोष बोले हाथ जोड़कर जनादेश स्वीकार करता हूँ 

अब जब पूरी सरकार ने दतिया उप चुनाव के लिए मेहनत की लेकिन परिणाम पक्ष में नहीं आया तो सवाल खड़े हो रहे हैं , मीडिया ने जब आशुतोष तिवारी से उनकी हार पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा मैं जनादेश को हाथ जोड़कर स्वीकार करता हूँ आप निश्चिन्त रहिये समय समय पर मीडिया मित्रों से मिलूँगा हम पार्टी स्तर पर हार की समीक्षा करेंगे।

व्यक्ति के जीवन में पवित्रता का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है 

एक सवाल के जवाब में आशुतोष तिवारी ने कहा कई बार राजनीति का अनुपात बिगड़ जाता है व्यक्ति उन राजनैतिक व्यवहारों को भी अपने जीवन में ले आता है जो नहीं लाना चाहिए मैं उसका समर्थन नहीं करता , विधायक सांसद बनने  से जरूरी ही जीवन में पवित्रता का होना और मैं इसे महत्वपूर्ण मानता हूँ।

भितरघातियों को आशुतोष तिवारी ने दिया करारा जवाब 

आशुतोष तिवारी ने भितरघातियों के शिकार होने के सवाल एक जवाब में कड़े लहजे में कहा , मैं शिकार होने वाला मटेरियल नहीं हूँ, भितरघातियों की अपनी फितरत है वो उसे बदलें।  पवित्रता के साथ जीने वाला भी राजनीति कर सकता है  पर उन्हें मुगालते में रहने की अवश्यक नहीं है कि कोई आशुतोष का शिकार कर सकता है आशुतोष भाजपा का कार्यकर्ता है और भाजपा का एक एक कार्यकर्ता बहुत मजबूत होता है और पवित्रता के साथ जीने का हमारा संकल्प है जो हमेशा रहेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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