उन्नाव में स्वास्थ्य व्यवस्था हुई चौपट, लोगों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

उन्नाव में स्वास्थ्य व्यवस्था हुई चौपट, लोगों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

दतिया। सत्येन्द्र सिंह रावत।

उनाव। दतिया के उनाव बालाजी में बना हुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिले की सबसे बड़ी पंचायत का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गृहमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किंतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनाव तक यह सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसका प्रमुख कारण बी. एम.ओ. द्वारा मुख्यालय पर नियमित रूप से उपस्थित ना होना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 2 दिन पूर्व बादाम उर्फ भययन रायकवार को बालाजी मुख्य चौराहे पर आवारा कुत्ते ने काट लिया था, जिसके इलाज के लिए वह अपनी मां के साथ बड़ी ही आशा से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया जहां उसके हाथ निराशा लगी, क्योंकि एंटी रेबीज इंजेक्शन विगत कुछ महीनों से स्वास्थ्य केंद्र पर है ही नहीं कहकर उसे इलाज के लिए मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी ने मना कर दिया! इसके अलावा प्रसूति गृह में नवजात शिशु के लिए कपड़े एवं प्रसूति के लिए भोजन की व्यवस्था की सुविधा भी स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है। इतना ही नहीं डिलीवरी कक्ष में लगा हुआ एयर कंडीशनर भी खराब पड़ा हुआ है! एवं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बने हुए निवास के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आदि अव्यवस्थाओं से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनाव जूझ रहा है। कस्बे के समाजसेवी राजू चौधरी, अप्पू पंडा, सरपंच लक्ष्मण सिंह यादव, अटल पटेरिया, गौरव चतुर्वेदी ,अनूप तिवारी द्वारा कई बार सी.एम.एच.ओ. उदयपुरिया जी को भी अवगत कराया गया! किंतु अभी तक इस समस्या पर संज्ञान नहीं लिया गया। अतः गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री समस्या पर ध्यान केंद्रित कर निवारण करें। जिससे कस्बे एवं क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनाव बालाजी में उपलब्ध हो सके।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews