रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, SDM ने किया निलंबित, लापरवाही और आदेशों की अवहेलना पर पहले भी मिल चुकी है सजा

आदेश में कहा गे अकी पटवारी का वीडियो प्रथमदृष्टया शासकीय सेवक के आचरण नियमों के प्रतिकूल होकर भ्रष्टाचार एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है, जिससे शासन की छवि धूमिल हो रही है। इसलिए पटवारी जितेंद्र सोलंकी को निलंबित किया जाता है।
bribe taking Video viral Patwari suspended

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मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी पर सख्त एक्शन के बावजूद शासकीय सेवक घूस लेने से बाज नहीं आ रहे, नीयत इतनी ख़राब हो चुकी है कि हजारों की रुपये मासिक वेतन पाने के बावजूद चंद रुपयों के लालच में अपनी नौकरी दांव पर लगाने से भी भय नहीं खाते। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक पटवारी शासकीय कार्य करने के बदले 1000 रुपये की डिमांड करता है और मात्र 500 रुपये लेकर बैग में रख लेता है, वायरल वीडियो के संज्ञान में आते ही एसडीएम ने पटवारी को निलंबित कर दिया है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है इसमें कुछ लोग शासकीय कार्य के लिए इंदरगढ़ तहसील कार्यालय के पटवारी हल्का नंबर 12 कुलैथ जितेंद्र सोलंकी से बात कर रहे हैं, वो कागज लेता है और उन्हें चढ़वाने यानि दर्ज करवाने के बदले 1000/- रुपये की मांग करता है लेकिन बात कर रहे व्यक्ति कहते हैं उनके पास 500/- रुपये ही है और वो 500/- का नोट टेबल पर रख देते हैं जिसे कागजों के साथ पटवारी बैग में रख लेता है और कम हो जाने का भरोसा देता है, संभवतः ये वीडियो रिश्वत देने वालों ने ही बनाया है और वायरल किया है, हालाँकि एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती।

रिश्वत लेते वीडियो वायरल, पटवारी निलंबित 

वीडियो चूँकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो ये वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचा, जिसके बाद इंदरगढ़ के नायब तहसीलदार ने प्रतिवेदन बनाकर एसडीएम सेंवढा को भेजा जिसपर एक्शन लेते हुए एसडीएम ने पटवारी जितेंद्र सोलंकी को निलंबित कर दिया, आदेश में बताया गया कि वीडियो वायरल होने के बाद पटवारी को नोटिस सदिय गया जिसका उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया जाता है।

18 दिसंबर को लापरवाही के चलते हुआ था निलंबित 

एसडीएम ने अपने आदेश में लिखा कि पहले 18 दिसंबर 2025 को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही बरतने के कारण पटवारी जितेंद्र सोलंकी को निलंबित किया गया था तथा बाद में भविष्य में शासकीय कार्य में लापरवाही न बरतने एवं वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशो की अवहेलना न करने के लिये सचेत करते हुये 16 जनवरी 2026 को पटवारी सोलंकी को  निलंबन से बहाल किया गया था।

कलेक्टर के निर्देशों की भी करता है अवहेलना 

आदेश में ये भी कहा गया कि कलेक्टर के निर्देशित किये जाने के बावजूद पटवारी मुख्यालय पर निवास नहीं करता है। उसके द्वारा भू-राजस्व एवं अन्य वसूली नहीं की गई, शासन के द्वारा राजस्व के प्रकरणों के निराकरण के लिये बनाये गये कार्यकम साईबर 2.0 में पटवारी द्वारा समय-सीमा में प्रकरणों में प्रतिवेदन नहीं लगाये गये। जिससे प्रकरण अकारण लंबित है। जो वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों/ निर्देशों की अवहेलना करना दर्शाता है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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