विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर लोगों को किया गया जागरुक, जानिए खतरनाक रोगों से कैसे बचें

विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर लोगों को किया गया जागरुक, जानिए खतरनाक रोगों से कैसे बचें

सत्येन्द्र रावत/दतिया। विश्व कुष्ठ रोग दिवस और फाइलेरिया पर जन जागरूक अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश गौड़ ने मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सर्वेश अवस्थी द्वारा किया गया । कार्यक्रम में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में पदस्थ MBBS छात्र शहरी स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारी ,कर्मचारी समेत आमजन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी सहभागिता दी। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शुभांशु गुप्ता द्वारा चिकित्सा छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर समाज में व्याप्त ,भय और भ्रांति को दूर करने के लिए कुष्ठ के विरुद्ध आखिरी युद्ध” किया गया। वहीं कार्यक्रम में डॉ. हेमंत गौतम जिला मलेरिया अधिकारी द्वारा समाज में व्याप्त भय और जागरूकता से संबंधित जानकारी प्रदान की गई साथ ही कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सह -आचार्य डॉ.पहराम अधिकारी ने उपचार और उसकी रोकथाम के विषय पर जानकारी दी। तो वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप शुक्ला द्वारा कुष्ठ रोग से संबंधित लोगों की भ्रांतियों को कैसे मिटाएं उस पर अपना सुझाव दिया।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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