जिला प्रशासन का छापा, लाखों रुपये का पीडीएस का गेहूं और चावल पकड़ा, दूसरे जिलों में करता था सप्लाई

शिवपुरी जिले की करैरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक ट्रॉला पीडीएस चावल से भरा पकड़ा जो गुजरात की तरफ जा रहा था, ट्रॉले को छोटू सिंह नाम का ड्राइवर चला रहा था, जिसने बताया कि वो दतिया से माल लेकर आया है।
PDS wheat and rice seized

सरकार के निर्देश के बावजूद व्यापारी गरीबों के सरकारी अनाज पर डाका डाल रहे हैं, दतिया जिला प्रशासन ने एक व्यापारी की आटा मिल पर छापा मारकर इसका खुलासा किया है, प्रशासन की टीम को मिल से भारी मात्रा में पीडीएस का गेहूं और चावल मिला है जिसे व्यापारी ने स्टॉक कर रखा था, प्रशासन व्यापारी के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की बात कर रहा है।

दरअसल दतिया जिला प्रशासन को शिवपुरी जिला प्रशासन से सूचना मिली थी वहां करैरा पुलिस ने एक ट्रॉला चावल से भरा हुआ पकड़ा है, इसमें पीडीएस का 412 क्विंटल चावल है जिसकी कीमत 1,120000/- रुपये है, इस मामले में ड्राइवर को गिरफ्तार किया है, उसने बताया है कि वो ये चावल दतिया से लेकर आया है।

राजनंदनी ट्रेडर्स पर देर रात छापा

सूचना मिलने के बाद दतिया कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई और चावल सप्लाई करने वाली फर्म राजनंदनी ट्रेडर्स पर बीती देर रात छापा मारा, टीम ने जब वहां जाँच की तो भारी मात्रा में गेंहू और चावल भरा था, शुरुआत में व्यापारी ने कुछ नहीं कहा लेकिन जब पीडीएस का गेहूं और चावल अधिकारियों ने देख लिया तो कुछ नहीं बोल सका।

टीम ने पकड़ा भारी मात्रा में PDS का गेहूं और चावल 

टीम का नेतृत्व कर रहे एसडीएम संतोष तिवारी ने बताया कि यहाँ भारी मात्रा में सार्वजानिक वितरण प्रणाली का गेहूं और चावल रखा मिला है, हमारे साथ खाद्य विभाग की टीम है उसने जाँच की है और व्यापारी ने खुद स्वीकार किया है कि ये पीडीएस का है, ये यहाँ से दूसरे शहरों में सप्लाई करता है, टीम जाँच कर रही है इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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दतिया से सतेन्द्र रावत की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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