महिला सुरक्षा के लिए अनूठी पहल, दतिया जिला अस्पताल में लगे पिंक अलार्म, किसी सरकारी अस्पताल में ऐसा पहली बार

पिंक अलार्म मैटरनिटी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और न्यू ओपीडी ब्लॉक के तीनों मंजिलों के स्टाफ ड्यूटी रूम में लगाए गए हैं। इस अलार्म सिस्टम की रेंज 2 किलोमीटर तक है, जिससे पूरे परिसर में तत्काल सुरक्षा सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।
Pink alarm in Datia District Hospital

Datia News : महिलाओं की सुरक्षा को मध्य प्रदेश सरकार प्राथमिकता पर रखती है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी समय समय पर इसपर निर्देश भी देते रहते हैं इसी को ध्यान में रखते हुए  देते हुए दतिया जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज में कलेक्टर संदीप कुमार माकिन के मार्गदर्शन में एक अनूठा नवाचार किया गया है। जिला अस्पताल की 3 बिल्डिंगों में 7 स्थानों पर पिंक अलार्म लगाए गए हैं, जिससे महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को ड्यूटी के दौरान सुरक्षित माहौल मिल सके। उल्लेखनीय है कि यह प्रदेश ही नहीं देश का पहला जिला अस्पताल है जहाँ पिंक अलार्म की पहल की गई है।

इस नवाचार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरत पड़ने पर महिलाओं को त्वरित पुलिस सहायता मिल सके। अस्पताल परिसर में किसी भी महिला को खतरा महसूस होने पर, वह अलार्म के बटन को दबा सकती है, जिससे तुरंत बिल्डिंग की छत पर सायरन बज उठेगा। इसके साथ ही अस्पताल में तैनात गार्ड और पुलिसकर्मी 5 मिनट में संबंधित स्टॉफ के पास पहुंचेंगे।

3 बिल्डिंगों में 7 स्थानों पर लगाए गए पिंक अलार्म

सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.सी. राठौर ने बताया कि पिंक अलार्म मैटरनिटी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और न्यू ओपीडी ब्लॉक के तीनों मंजिलों के स्टाफ ड्यूटी रूम में लगाए गए हैं। इस अलार्म सिस्टम की रेंज 2 किलोमीटर तक है, जिससे पूरे परिसर में तत्काल सुरक्षा सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी। आने वाले दिनों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से अलार्म सिस्टम का मॉक ड्रिल कर इसकी प्रभावशीलता की जांच की जाएगी।

देश के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार Pink Alarm

कलेक्टर संदीप माकिन ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से मोबाइल पर चर्चा करते हुए कहा कि दर असल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक बाद मीटिंग में अस्पतालों में महिला सुरक्षा को लेकर बहुत चिंता जाहिर की थी तब मेरे दिमाग में ये बात आई , उन्होंने कहा कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इस पिंक अलार्म के बजते ही तत्काल महिला को तत्काल सहायता मिल जाएगी, उन्होंने कहा दतिया जिला अस्पताल सिर्फ प्रदेश में ही नहीं देश में पहला ऐसा सरकार अस्पताल है जहाँ महिला सुरक्षा को लेकर ये पहल की गई है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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