
सत्येंद्र रावत। दतिया
डबरा के सिंध नदी के स्टॉप डैम में अज्ञात सब मिलने से शेयर में फैली सनसनी। गोरा घाट पुलिस ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर सबको कब्जे से में लेकर की जांच शुरु कर दी है। गोरा घाट पुलिस ने स्टॉप डैम में शव मिलने को जल दाह का मामला बताया है। स्टॉप डैम से पूरा डबरा पानी पीता है उसी डैम में गंदगी और शव मिलने से पानी दूषित हो राहा है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर डैम की सुरक्षा किसके हाथ में है। क्या डबरा नगर बासी ऐसा दूषित पानी पीना पसंद करेंगे। ये तो कुछ नहीं है यदि स्टॉप डैम की सफाई की जाए तो ना जाने कितनी गंदगी निकलेगी जो इसमें घुल रही होगी जिससे पूरा डबरा नगर अपनी प्यास बुझा रहा है।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

