
देवास, शकील खान। खातेगांव में मासूम के साथ रेप और फिर उसकी हत्या के मामलें में आरोपी नरेंद्र उर्फ गोलू पिता भेरु सिंह को न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। मामला पोक्सो एक्ट न्यायालय में विचाराधीन था जिसमें गुरुवार को विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम खातेगांव न्यायाधीश सरिता माधवानी के द्वारा यह सजा सुनाई।
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इस मामलें में एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि 7 नवंबर रविवार शाम 7.15 बजे पुलिस को सूचना मिली कि 10 वर्षीय बच्ची का शव संदिग्ध अवस्था में संजय यादव के निर्माणाधीन मकान की पहली मंजिल पर बागड़ी कॉलोनी में मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी शिवदयाल सिंह व एफएसएल अधिकारी ऋषिकेश यादव भी माैके पर पहुंचे। घटना स्थल से सीमेंट की खाली बोरियां जिनमें खून लगा हुआ था एवं मृतका के सिर के बालों का रबर बैंड जब्त किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी महेंद्रसिंह परमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तभी पुलिस को कुछ प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिली कि बालिका को निर्माणाधीन मकान में दोपहर में गोलू के साथ देखा था। इसके बाद बच्ची के पिता की रिपोर्ट पर आरोपी गोलू उर्फ नरेन्द्र पिता भेरू सितोले उम्र 24 वर्ष निवासी गांव बड़ी बरछा के विरुद्ध हत्या सहित अन्य धारा में प्रकरण दर्ज किया गया। मुखबिर की सूचना पर आरोपी गोलू को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
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आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह बालिका को निर्माणाधीन मकान में ले गया था, जहां उसने दुष्कर्म का प्रयास किया। जब वह चिल्लाने लगी तो गमछे से गला घोंटकर कर मार डाला। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को सीमेंट की बोरी से ढंक दिया। गमछे काे बच्ची की मां ने पहचान लिया था मृतक बालिका खातेगांव के ही एक निजी विद्यालय में कक्षा पांचवी की छात्रा थी। पिता एक होटल में कर्मचारी हैं। जिस गमछे का प्रयोग आरोपी द्वारा हत्या के लिए किया था उसे बालिका की माँ ने पहचान लिया था जिसके बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची थी।
