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देवास: पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, कई श्रमिकों की मौत की खबर, दर्जनों झुलसे, आसपास के मकानों की दीवारें हिलीं

Written by:Atul Saxena
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धमाके के बाद फैक्ट्री के आसपास सिर्फ काला धुंआ दिखाई दे रहा था, घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर , एडीएम एसडीएम सहित पुलिस के आला अधिकारी फैक्ट्री पहुंचे, तुरंत आग को काबू करने के प्रयास शुरू किये गए।
देवास: पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, कई श्रमिकों की मौत की खबर, दर्जनों झुलसे, आसपास के मकानों की दीवारें हिलीं

Massive explosion at firecracker factory Dewas

मध्य प्रदेश के देवास जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में आज तेज धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया, धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री के आसपास बने मकानों की दावारें हिल गई, घटना में कई मजदूरों के मरने और दर्जनों मजदूरों के घायल होने की खबर है, बताया जा रहा है कि तीन श्रमिकों की मौत हो चुकी है घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देवास के टोंककला गांव में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को तेज धमाके के साथ आग लग गई, बारूद का भण्डारण होने के कारण धमाका बहुत ताकतवर था और आग ने भी भयानक रूप ले लिया , फैक्ट्री में चीख पुकार मच गई , धमाका इतना ताकतवर था कि कई शव के अंग सड़क तक उड़कर पहुंच गए, गाँव में फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों के घरों की दीवारें हिल गईं।और वे डरकर खुले में निकल आये।

फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ आग पर काबू करने में जुटीं 

धमाके के बाद फैक्ट्री के आसपास सिर्फ काला धुंआ दिखाई दे रहा था, घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर , एडीएम एसडीएम सहित पुलिस के आला अधिकारी फैक्ट्री पहुंचे, तुरंत आग को काबू करने के प्रयास शुरू किये गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं।

बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा 

घटना में अभी 3 श्रमिकों के मरने की बात सामने आई है वहीं करीब 20 से अधिक घायल बताये जा रहे हैं मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फिलहाल धमाके की वजह सामने नहीं आई है कुछ घायलों को देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है वहीं गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है। ..खबर अपडेट हो रही है

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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