मध्य प्रदेश के देवास जिले के मोती बंगला स्थित शिवाजी नगर के श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर में इस बार दीपावली के मौके पर करीब 5 करोड़ रुपए के असली नोटों और सोने-चांदी के आभूषणों से सजावट की जाएगी।

रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर की तर्ज पर देवास में यह आयोजन दूसरी बार होने जा रहा है। उज्जैन और रतलाम से आ रहे 10 से ज्यादा कलाकार लगभग 48 घंटे की कड़ी मेहनत से मंदिर को सजाएंगे। धनतेरस से लेकर भाईदूज तक श्रद्धालु माता के इस भव्य दरबार के दर्शन कर सकेंगे।

48 घंटे की मेहनत से तैयार होगा माता का दरबार

मंदिर में नोटों और गहनों की मदद से बहुत ही सुंदर कलाकृतियां बनाई जाएंगी। सजावट का काम देखने और इसे पूरा करने के लिए कलाकारों की विशेष टीम देवास पहुंचने वाली है। श्री योगमाया महालक्ष्मी न्यास के अध्यक्ष विमल शर्मा ने बताया कि पिछले साल भक्तों ने इस आयोजन में बहुत बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। उसी भारी उत्साह को देखते हुए इस बार और भी बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं।

पिछले साल जुटे थे 1.35 करोड़ रुपए

नोटों से सजावट का यह सिलसिला देवास में पिछले साल ही शुरू हुआ था। पहली बार में समिति ने 51 लाख रुपए जुटाने का सोचा था, लेकिन श्रद्धालुओं के सहयोग से करीब 1.35 करोड़ रुपए जमा हो गए थे। दरअसल पिछले साल के जबरदस्त प्रतिसाद को देखते हुए इस बार समिति ने अपना लक्ष्य बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दिया है। इस बार के आयोजन के लिए भक्तों की तरफ से सहयोग राशि आनी भी शुरू हो गई है।

भाईदूज पर भक्तों को लौटाई जाएगी पूरी राशि

न्यास के अध्यक्ष ने यह भी साफ किया है कि भक्तों से ली जाने वाली यह सहयोग राशि केवल मंदिर सजाने के काम आएगी और आयोजन खत्म होने के बाद पूरी रकम सुरक्षित वापस कर दी जाएगी। दरअसल हर सहयोगकर्ता को एक पक्की रसीद दी जा रही है। भाईदूज के दिन उसी रसीद को दिखाने पर भक्तों को उनकी पूरी राशि के साथ-साथ एक विशेष ‘कुबेर पोटली’ भी प्रसाद के रूप में वापस लौटाई जाएगी।