बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से पूर्व मंत्री जोशी की मुलाक़ात, कह दी यह बड़ी बात

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से पूर्व मंत्री जोशी की मुलाक़ात, कह दी यह बड़ी बात

देवास/सोमेश उपाध्याय
पिछले कुछ दिनों से अपने बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले प्रदेश के पूर्व मंत्री दीपक जोशी की भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कई अहम सवाल खड़े कर रही है| जोशी ने पत्रकारों को दिए बयान में बताया कि उन्हें यह स्वीकार करने में कोई संकोच नही है कि राजनीतिक पार्टियां अपना विश्वास खो रही है| राजनीति में कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिख रहा है। जनप्रतिनिधियों को इसे दूर करना चाहिए।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ द्वारा उनकी असंतुष्ठता व दिग्गज राजनेताओं से मुलाकात के सवाल पर जोशी ने कहा कि संतुष्ट व असंतुष्ट भाजपा में नही होते भाजपा में कहने का तरीका होता है| हम अपने बूथ लेवल के कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक अपनी बात कह सकते है। यदि कोई कमी है तो अपने विचार शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचाते है। जिस पर पार्टी विचार करती है| जोशी की इस मुलाकात के बाद उनके विरोधी सतर्क हो गए है| हालाँकि जोशी अपनी ताकत सीएम के समक्ष अपने पिता व प्रदेश के पूर्व सीएम कैलाश जोशी की जयंती समारोह में बता चुके है।

बता दे कि जोशी की माँग पर सीएम शिवराज ने बागली को प्रदेश का नया जिला बनाने की सार्वजनिक घोषणा की थी। जोशी का हाटपीपल्या विधानसभा के साथ बागली क्षेत्र में खासा होल्ड है और बीते दिनों जोशी बागली विधानसभा के विभिन्न गाँवो व सेक्टरों में भृमण कर वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं से मिल चुके है| बता दे कि जोशी 2003 से 2008 तक बागली के विधायक रह चुके है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews