
देवास/बागली।सोमेश उपाध्याय।
देवास जिले की बागली विधानसभा के सतवास नगर में गत दिनों जीवित शिशु को मृत बताकर पन्नी में सोपने के आरोप सतवास में पदस्थ चिकित्सक मेघा पटेल पर लगे थे।जिसकी ख़बर एमपी ब्रेकिंग में प्रमुखता से लगाई गई थी।आरम्भ में जिला प्रसासन ने मामले में रुचि नही दिखाई।परन्तु खबर के फैलते ही मामले की गम्भीरता को समझते हुए जिला प्रसाशन ने जांच शुरु की। देवास कलेक्टर डॉ श्रीकांत पांडेय द्वारा जांच दल का गठन कर सतवास भेजा गया।जहा बच्चे की माँ,परिजन व अन्य उपस्थित लोगों के बयान लिए गए !करीब 5 घण्टे चली पूछतांछ के बाद यह रिपोर्ट कलेक्टर को सौपी जाएगी।हालांकि उन्होंने भी इसे गम्भीर लापरवाही समझा है!जाँच दल में सीबीएमो विष्णुलता उइके,सुनील तिवारी समेत प्रसाशनिक अधिकारी शामिल थे।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

