मालवा-निमाड़ के इस सन्त के निधन से छाई शोक की लहर

मालवा-निमाड़ के इस सन्त के निधन से छाई शोक की लहर

बड़वानी/देवास, सोमेश उपाध्याय

मंगलवार सुबह पंचरामानन्दी खाकी अखाड़े के सन्त बागली अंचल के प्रसिद्ध फलाहारी बाबा के शिष्य निमाड़ में नाखून वाले बाबा के नाम से विख्यात गोविंददास जी त्यागी का आकस्मिक देहांत होगया ।  देहांत की सूचना मिलते ही मालवा-निमाड़ अंचल में उनके अनुयायियों में शोक की लहर छा गई।

समाचार मिलते ही जटाशंकर महन्त बद्रीदास महाराज के साथ ही बागली क्षेत्र के उनके अनुयायी दहिबेड़ा(बड़वानी)आश्रम के लिए रवाना हो गए । हालांकि कोविड19 संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं को घर से ही श्रधांजलि देने की अपील की जा रही है ।

निधन पर अखिल भरतीय पंच रामानन्दी खाकी अखाड़ा उज्जैन बैठक के महन्त अर्जुनदास महाराज,आध्यात्म विभाग की मंत्री उषा ठाकुर,मंत्री प्रेम सिंह पटेल, सांसद नन्दकुमार सिंह चौहान, बागली विधायक पहाड़ सिंह कन्नोजे आदि सहित सन्त व जनप्रतिनिधियों ने श्रधांजलि दी ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews