देवास में बड़ा सड़क हादसा, प्याज से भरा मिनी ट्रक पलटा, 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत

देवास जिले में देर रात बड़ा सड़क हादसा हुआ। यू-टर्न लेते समय प्याज से भरा मिनी ट्रक पलट गया। बोरियों के नीचे दबने से 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर घायल हैं।
देवास में बड़ा सड़क हादसा, प्याज से भरा मिनी ट्रक पलटा, 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत

मध्य प्रदेश के देवास जिले से शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। पीपलरावा थाना क्षेत्र के चौबाराधारा के पास बेरखेड़ी फाटे पर प्याज से भरा एक मिनी ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया।

हादसा इतना भयावह था कि ट्रक में प्याज की बोरियों के ऊपर सो रहे मजदूर बोरियों के नीचे दब गए। इस हादसे में 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज सोनकच्छ के शासकीय अस्पताल में जारी है।

यू-टर्न लेते समय पलटा ट्रक

पुलिस के मुताबिक मिनी ट्रक देर रात प्याज लेकर जा रहा था। जब वाहन चौबाराधारा के पास बेरखेड़ी फाटे पर यू-टर्न ले रहा था, तभी चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक सड़क पर पलट गया। दरअसल, ट्रक के ऊपर बैठे मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे प्याज की भारी बोरियों के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

राहत-बचाव कार्य में जुटे पुलिस और ग्रामीण

घटना की सूचना मिलते ही पीपलरावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया और सोनकच्छ अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं तीन मजदूरों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है।

मृतकों की हुई पहचान

सोनकच्छ सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान ओमप्रकाश मालवीय, आकाश बागानिया और विजय मालवीय के रूप में हुई है। तीनों बालोन गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में घायल दो लोगों की पहचान ट्रक चालक और क्लीनर के रूप में हुई है। दोनों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस कर रही जांच

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यू-टर्न लेते समय वाहन असंतुलित होने से यह हादसा हुआ। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रक में क्षमता से ज्यादा वजन तो नहीं था और मजदूरों को ऊपर बैठाना सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं था।

इलाके में शोक का माहौल

इस हादसे के बाद बालोन गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूर रोजी-रोटी कमाने निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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