आबकारी विभाग का एक्शन, भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 32 लाख रुपये से ज्यादा की अवैध शराब जब्त

आबकारी विभाग की टीम ने जब भूसे की बोरियों के नीचे छिपी शराब को निकाला तो चौंक गई यहाँ लाखों रुपये की अवैध शराब भरी थी, जब्त शराब की किमर साढ़े 32 लाख रुपये बताई गई है ।
Dhar illegal liquor seized

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है, नशीले मादक पदार्थ हो या फिर अवैध शराब निर्माण, अवैध शराब परिवहन आबकारी विभाग और पुलिस लगातार नजर रख रही है, इसी क्रम में धार आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है और लाखों रुपये कीमत की शराब जब्त की है

आबकारी विभाग के मुताबिक सहायक आबकारी आयुक्त राज नारायण सोनी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक आयशर ट्रक इंदौर से पीथमपुर होते हुए धार की तरफ़ जा रहा है जिसमे पशु आहार (भूसे) के बोरों के नीचे अवैध शराब की पेटियां भरी हुई हैं।

मुखबिर की सूचना पर आबकारी विभाग का एक्शन 

सूचना मिलते ही सहायक आबकारी आयुक्त ने जिले के अधिकारियों को ट्रक का पीछा पर उसे पकड़ने के निर्देश दिए, वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर दो टीम गठित की गई और ट्रक को पकड़ने की प्लानिंग की गई, दोनों टीम तुरंत ग्राम गुणावद पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर पहुंची औए नाकाबंदी कर दी।

पीछा कर आबकारी टीमों के पकड़ा ट्रक  

कुछ देर बाद मुखबिर द्वारा बताये नंबर का आयशर ट्रक क्रमांक MP/13/जीबी/0904 आता दिखाई दिया, आबकारी टीम ने उसे रोकने का इशारा किये लेकिन ड्राइवर ने ट्रक को भगाने का प्रयास किया लेकिन आबकारी की टीमों ने उसे पकड़ लिया और जब उसकी तलाशी ली तो उसमें शराब मिली।

भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर जब्त   

आबकारी विभाग की टीम ने जब भूसे की बोरियों के नीचे छिपी शराब को निकाला तो चौंक गई यहाँ लाखों रुपये की अवैध शराब भरी थी, आबकारी विभाग को ट्रक में  138 पेटी माउंट–6000 कैन बीयर, 150 पेटी लंदन प्राइड व्हिस्की, 20 पेटी लंदन प्राइड वोडका और 220 पेटी रॉयल सेलेक्ट व्हिस्की मदिरा मिली जिसकी कुल कीमत साढ़े 32 लाख रुपये बताई गई है, आबकारी विभाग ने शराब को जब्त कर लिया और ट्रक ड्राइवर हफीज निवासी हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया।

धार से मो अन्सार की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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