विवादों में घिरी अजय देवगन की ‘चौहान’, क्षत्रिय समाज ने जताई आपत्ति, कहा- राजपूत इतिहास राजनीतिक चारा नहीं

अजय देवगन की फिल्म चौहान विवादों में घिर गई है। टीजर में दिखाई गए सीन और डायलॉग लोगों को पसंद नहीं आए हैं। क्षत्रिय समाज ने इस पर आपत्ति जताई है।
Ajay Devgn

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की फिल्म चौहान इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। एक्शन से भरपूर इस फिल्म का टीजर कुछ दिनों पहले ही रिलीज हुआ है। टीजर सामने आने के बाद फिल्म एक नए विवाद फंस गई है। दरअसल, क्षत्रिय परिषद ने फिल्म में दिखाई गई चीजों की आलोचना की है।

क्षत्रिय परिषद की ओर से फिल्म में राजपूत इतिहास के हथियार के तौर पर इस्तेमाल और राजपूत पहचान को हड़पने की कोशिशें की आलोचना की गई है। संगठन का यह कहना है कि यह कोशिश चुनावी या फिर वैचारिक मकसद से की जा रही है। चलिए लेते हैं कि पूरा मामला क्या है।

क्षत्रिय परिषद का क्या कहना

क्षत्रिय परिषद ने सांप्रदायिक राजनीति के लिए चौहान वंश के नाम का इस्तेमाल करने की कोशिशें की कड़ी निंदा की है। परिषद ने कहा कि चौहान एक ऐतिहासिक राजपूत वंश है। जिसकी विरासत इतिहास से जुड़ी है ना कि किसी पक्षपाती अभियान या मीडिया द्वारा खड़े किए गए विवाद से। संगठन द्वारा सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया गया है जिसमें इसे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि राजपूत पहचान को एक बार फिर राजनीतिक नैरेटिव में घिसा जा रहा है। एक ऐसा नैरेटिव जिससे राजपूत ने ना तो शुरू किया है और ना ही इसकी मांग की है।

संगठन ने जताई नाराजगी

संगठन ने कहा कि जब मुख्य धारा की मीडिया पर सार्वजनिक चर्चाओं में राजपूतों की आवाज को कम प्रतिनिधित्व मिल रहा है तो सिर्फ जाति और सांप्रदायिक भावनाओं को उकसाने, आक्रोश भड़काने और राजनीतिक तमाशा खड़ा करने के लिए किसी कबीले के नाम का इस्तेमाल करना अपमानजनक और गैर जिम्मेदाराना हरकत है।

बताई राजपूतों की गाथा

संगठन की ओर से राजपूत की गाथा का उल्लेख भी किया गया। वह उदाहरण दिए गए जब अफगान और राजपूतों ने एक साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। संगठन ने कहा कि इतिहास की यह घटनाएं बताती है कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन राज्य संचालित वफादारी और सैन्य रणनीति से तय होते थे। उन्होंने वैचारिक मकसद से राजपूत इतिहास को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की हर कोशिश को खारिज किया। ये अपील की गई की भारत के अतीत को जिम्मेदारी से देखते हुए ऐतिहासिक जटिलताओं का सम्मान करें ना कि इसका इस्तेमाल राजनीतिक बहस के लिए चारे के तौर पर करें।

किन चीजों पर विवाद

बता दें कि फिल्म के टीजर में कुछ ऐसे डायलॉग और इशारे थे जिन्हें आपत्तिजनक बताया जा रहा है। अजय के डायलॉग पठानों से कह दो चौहान आ रहा है का भी जबरदस्त विरोध किया गया। कश्मीर विवाद दिखाये जाने के दौरान पैलेट गन से बहुत कम नुकसान होता वाली बात की भी निंदा की गई। जियो स्टूडियो और कलर येलो प्रोडक्शन के बैनर तले बनी ये फिल्म 1 अक्टूबर 2027 को रिलीज की जाएगी।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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