दुल्हन बनने जा रही हैं 28 साल की अविका गौर, मेंहदी में लिखवाया सास-ससुर का नाम, इमोशनल हुए दूल्हे राजा मिलिंद

अविका गौर और मिलिंद चंदवानी की शादी इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। यह दोनों रियलिटी शो पति, पत्नी और पंगा में एक दूसरे का हाथ हमेशा के लिए थामने जा रहे हैं। अब हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने बॉयफ्रेंड को शानदार तोहफा दिया है।
Avika Gor

टेलीविजन इंडस्ट्री की आनंदी यानी की बालिका वधू तो आप सभी को याद होगी। जिस तरह से टीवी पर एक नन्ही सी बच्ची का किरदार दिखाया गया था। जिसकी छोटी उम्र में शादी कर दी जाती है लेकिन उसके सपने अलग होते हैं। इसने दर्शकों का दिल छू लिया था। लंबे समय तक की शो टेलीविजन पर राज करता रहा।

इस द शो में बालिका वधू का किरदार अविका गौर ने निभाया था। अब वह काफी बड़ी हो चुकी है और शादी करने जा रही हैं। जी हां वह अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड मिलिंद चंदवानी के साथ 30 सितंबर को सात फेरे लेने वाली हैं। यह दोनों पति, पत्नी और पंगा के सेट पर हमेशा के लिए एक दूसरे का हाथ थामने वाले हैं।इन दिनों सेट पर उनके शादी के प्री-वेडिंग फंक्शन आयोजित किया जा रहे हैं।

अविका गौर के प्री-वेडिंग फंक्शन (Avika Gor)

शो के सेट पर जबरदस्त तरीके से धूम मची हुई है। पति पत्नी और पंगा में भाग लेने वाले सितारों के अलावा इंडस्ट्री के अन्य कलाकार भी इन फंक्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। हाल ही में दोनों की हल्दी सेरेमनी रखी गई थी। इसमें इन पर जमकर फूल बरसाए गए और तबियत से हल्दी भी लगाई गई। इसके बाद अब इनकी मेहंदी की रस्म हुई है। जिसमें एक्ट्रेस ने अपने बॉयफ्रेंड को इमोशनल कर दिया है।

मेंहदी में किस-किस का नाम

अविका गौर में अपनी मेहंदी में दूल्हे राजा मिलिंद के अलावा जो नाम लिखवाए हैं। उस बात ने उन्हें इमोशनल कर दिया है। खुद मिलिंद ने बताया कि एक्ट्रेस ने उनके नाम के अलावा दादा-दादी और माता-पिता का नाम भी लिखवाया है। मिलिंद के मुताबिक एक हाथ पर ससुराल वालों के नाम और दूसरे हाथ पर परिवार वालों का नाम लिखवाया गया है।

मिलिंद ने की तारीफ

अविका के होने वाले हस्बैंड के मुताबिक कोई भी दुल्हन इतना गहराई से इस बारे में नहीं सोचती है। अविका  चाहती थी कि वह हम दोनों के अस्तित्व को अपने हाथों पर उतारे। इसी वजह से उसने यह फैसला लिया कि वह एक-एक हाथ में दोनों परिवारों के लोगों का नाम लिखवाएंगी। यह बहुत स्पेशल है वह चाहती तो सिर्फ अपने माता-पिता का नाम लिखवा सकती थी। मैं तब भी खुश होता मैं यह नहीं सोचता कि उसने मेरे परिवार का नाम क्यों नहीं लिखवाया। लेकिन जब उसने मेरे परिवार का नाम अपने हाथ पर लिखवाया तो मुझे फील हुआ कि यह बहुत बड़ी बात है। मिलिंद की बातों से साफ जाहिर है कि अभिक के इस फैसले ने उन्हें बहुत खुशी दी है। वह बहुत लकी महसूस कर रहे थे और थोड़े इमोशनल भी नजर आए।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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