89 साल पहले बनी थी भारत की पहली देशभक्ति फिल्म, विदेशी डायरेक्टर ने किया था निर्देशन

15 अगस्त के मौके पर हर कोई देश भक्ति में डूबा नजर आता है। इस दिन टीवी पर फिल्में भी देशभक्ति से जुड़ी ही आती है। चलिए आज हम आपको भारत की पहली देशभक्ति पर बनी फिल्म के बारे में बताते हैं।
First patriotic film

15 अगस्त का दिन हर भारतवासी के लिए बहुत ही खास होता है क्योंकि यह वही दिन है, जिस दिन हमारे देश को आजादी मिली थी। 200 साल तक अंग्रेजों की गुलामी के बाद जब देश आजाद हुआ तो हर तरफ खुशी की लहर थी। यह दिन यादगार बन गया और हर साल स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। देश की स्वतंत्रता और देशभक्ति पर बॉलीवुड में भी कई सारे फिल्में बनाई गई है।

स्वतंत्रता दिवस की धूम सिनेमा जगत में जमकर देखने को मिलती है। आज नहीं बल्कि लंबे समय से देशभक्ति फिल्मों का चलन भी देखने को मिल रहा है। क्या आप यह जानते हैं कि पहली देशभक्ति फिल्म कौन सी थी और कब रिलीज की गई थी। चलिए आज हम आपको इसी के बारे में बताते हैं।

पहली देशभक्ति फिल्म (First Patriotic Film)

भारत की पहली देशभक्ति फिल्म आजादी से पहले 1936 में रिलीज की गई थी। जन्मभूमि नाम की इस फिल्म को अशोक कुमार लेकर आए थे। उनके साथ सुनीता देवी, देविका रानी और चंद्र प्रकाश जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिका निभाई थी। कमर्शियल तौर पर इसे काफी सफलता मिली थी और यह आज भी याद की जाती है।

कैसी थी जन्मभूमि की कहानी

इस फिल्म की कहानी की बात करें तो यह गांव के एक शख्स की कहानी है। जो जाति के बंधनों को तोड़कर समानता और एकता के साथ रहना सही समझता है। अपनी इस धारणा के साथ वह लोगों की सोच बदलने के लिए काम करता है। इस फिल्म में देशभक्ति गीतों की भरमार है, जो ऑडियंस ने काफी पसंद किए थे।

कलाकारों के किरदार

जन्मभूमि में अशोक कुमार ने रामचंद्र की भूमिका निभाई थी। लीड एक्ट्रेस के तौर पर देविका रानी को देखा गया था जिनका किरदार प्रोतिमा नाम की लड़की का था। जिस समय फिल्म रिलीज की गई थी उस समय देशभर में स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा था। अपने हक की लड़ाई के लिए अशोक कुमार की इस मूवी को लोगों ने काफी सपोर्ट किया था।

विदेशी डायरेक्टर का डायरेक्शन

इस फिल्म से जुड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि यह हिंदी सिनेमा की पहली देशभक्ति फिल्म थी लेकिन इसका डायरेक्शन एक विदेशी डायरेक्टर ने किया था। जर्मन फिल्ममेकर फ़्रांज ऑस्टन ने 89 साल पहले इस फिल्म को बनाया था। वो हिंदी सिनेमा को काफी पसंद करते थे और जन्मभूमि के अलावा उन्हें ममता, प्रेम सन्यास और इज्जत जैसी बॉलीवुड फ़िल्में बनाते हुए भी देखा गया।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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