साल 2001 में रिलीज हुई ‘गदर: एक प्रेम कथा’ भारतीय सिनेमा की उन फिल्मों में शामिल है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाए और दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई। आज भी जब इस फिल्म का नाम लिया जाता है, तो तारा सिंह और सकीना की प्रेम कहानी लोगों के जेहन में ताजा हो जाती है। फिल्म के 25 साल पूरे होने पर सनी देओल ने इसकी सफलता के पीछे की वजह साझा की है और बताया है कि आखिर यह फिल्म इतने लंबे समय बाद भी लोगों के बीच क्यों लोकप्रिय बनी हुई है।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सनी देओल ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार ‘गदर’ की कहानी सुनी थी, तभी उन्हें महसूस हो गया था कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आएगी। उनके मुताबिक किसी भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहानी होती है और ‘गदर’ की कहानी सीधे दिल को छूने वाली थी। यही कारण था कि उन्होंने बिना ज्यादा सोच-विचार किए इस प्रोजेक्ट के लिए हामी भर दी थी।
गदर की सफलता का राज क्या है? सनी देओल ने दिया जवाब
सनी देओल का मानना है कि ‘गदर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जिससे हर वर्ग का दर्शक खुद को जोड़ पाता है। फिल्म में प्यार, परिवार, त्याग और देशभक्ति जैसे कई पहलू एक साथ देखने को मिले थे। यही वजह रही कि यह फिल्म केवल उस दौर में ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बीच भी लोकप्रिय बनी रही।
फिल्म विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ‘गदर’ की सबसे बड़ी ताकत उसका भावनात्मक जुड़ाव था। उस समय जब बड़े बजट की कई फिल्में रिलीज हो रही थीं, तब भी ‘गदर’ ने आम दर्शकों के दिलों में अलग जगह बनाई। तारा सिंह का किरदार एक ऐसे व्यक्ति का प्रतीक बन गया जो अपने प्यार और परिवार के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था। यही भावनात्मक जुड़ाव आज भी फिल्म को प्रासंगिक बनाए हुए है। सनी देओल के अनुसार उन्हें फिल्म की सफलता का अंदाजा था, लेकिन यह नहीं सोचा था कि तारा सिंह का किरदार लोगों के परिवार का हिस्सा बन जाएगा।
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तारा सिंह का सबसे यादगार सीन
फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जो आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। चाहे हैंडपंप उखाड़ने वाला सीन हो या फिर पाकिस्तान जाकर सकीना को वापस लाने का संघर्ष, हर दृश्य ने लोगों पर गहरी छाप छोड़ी। लेकिन सनी देओल के दिल के सबसे करीब एक अलग ही दृश्य है।
उन्होंने बताया कि वह पल आज भी उन्हें भावुक कर देता है, जब सकीना तारा सिंह की पगड़ी बांधती है और तारा कहता है कि वह इस पगड़ी को पहनने के बजाय हमेशा संभालकर रखेगा। सनी के मुताबिक उस दृश्य में प्रेम, सम्मान और अपनापन एक साथ दिखाई देता है। यही सादगी और भावनात्मक गहराई फिल्म की असली पहचान बनी।
सनी देओल ने यह भी कहा कि उनके लिए ‘गदर’ की सबसे बड़ी उपलब्धि बॉक्स ऑफिस की कमाई नहीं, बल्कि दर्शकों का प्यार है। इतने वर्षों बाद भी लोग तारा सिंह को याद करते हैं और फिल्म के संवाद दोहराते हैं। यही किसी कलाकार और फिल्म की सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है। 25 साल बाद भी ‘गदर’ का जादू बरकरार है और यही इसकी सबसे बड़ी विरासत है।






